Sachin Pilot: सचिन पायलट के 19 साल, 26 में MP, 32 में केंद्रीय मंत्री, 41 में डिप्टी CM, अब सारा से तलाक
Sachin Pilot Biography in Hindi: राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज गुर्जर नेता व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में टोंक सीट से चुनाव शपथ पत्र में पत्नी सारा अब्दुल्ला से उनका तलाक का खुलासा होना चौंकाने वाला है।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब सचिन पायलट अचानक से ट्रेंड में आए हों। बीते 19 साल में सचिन पायलट ने निजी और राजनीति जीवन में कई बार बड़े फैसले लेकर सबको चौंकाया है। पहले प्रेम विवाह, फिर 26 की उम्र में सांसद बनना। 32 की उम्र में केंद्र सरकार में मंत्री और 41 साल के होते-होते तो राजस्थान के डिप्टी सीएम की कुर्सी पर ही बैठ गए। अब 46 की उम्र में पत्नी सारा से तलाक का खुलासा।

हम सचिन पायलट के पिछले उन 19 सालों का जिक्र कर रहे हैं, जिनमें सारा अब्दुल्ला की बेपनाह मोहब्बत, साथ और जुदाई है। राजनीति में कद कई बार बढ़ना, कांग्रेस नेताओं की 'सियासी जादूगरी' देखना, हल्के शब्द झेलना और अपनी ही पार्टी में दरकिनार होना है। इन सबके बावजूद सचिन पायलट ने खामोशी का दामन पकड़कर 'भूल जाओ, माफ करो और आगे बढ़ों' के सिद्धांत हर किसी दिल का जीता है।
सचिन पायलट का साल 2004, प्रेम विवाह व सांसद बनना
साल 2004 सचिन पायलट की जिंदगी के सबसे यादगार साल में से एक है। इस समय सचिन पायलट के सामने अपना प्यार सारा को पाना, पिता राजेश पायलट की राजनीतिक विरासत को संभालने की चुनौती थी। सचिन ने दोनों ही काम बखूबी किए।
मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वालीं सारा पायलट जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला की बेटी व पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। उनका परिवार हिंदू लड़के सचिन से प्रेम विवाह के खिलाफ था। फिर भी सारा ने सचिन का साथ दिया। दोनों ने 15 जनवरी 2004 को शादी कर ली।
कार एक्सीडेंट में पिता राजेश पायलट की मौत के बाद पिता के जन्मदिन 10 फरवरी 2002 में कांग्रेस ज्वाइन करने वाले सचिन पायलट 13 मई 2004 को 14वीं लोकसभा के लिए दौसा सीट पर 1 लाख 20 हज़ार मतों जीतकर 26 की उम्र में सांसद बने।
सचिन पायलट का साल 2006 से 2012 तक केंद्र में दबदबा

सचिन पायलट ने राजनीति की शुरूआत में ही केंद्र की ओर बड़ी 'उड़ान' भरी, मगर एक दशक में ही क्रैश लैंडिंग कर गए। मतलब केंद्र से राजस्थान की राजनीति में आ गए।
पायलट 2004 में दौसा सांसद बनने के बाद 5 अगस्त 2006 से 2009 तक केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत सलाहकार समिति के सदस्य और गृह मामलों की समिति के सदस्य बने।
लोकसभा चुनाव 2009 में सचिन पायलट ने अजमेर सीट से बीजेपी की किरण माहेश्वरी को हराया और फिर 28 अक्टूबर 2012 तक केंद्रीय राज्य, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में कार्य किया। इसी साल सचिन पायलट कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री बने।
सचिन पायलट का साल 2014: हाथ में आई PCC की कमान
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 में BJP को प्रचंड बहुमत मिला। 200 में से 163 जीती। कांग्रेस 21 पर ही सिमट गई। तब कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान अपने सबसे युवा नेता सचिन पायलट को सौंप दी।
13 जनवरी 2014 को सचिन पायलट पीसीसी चीफ बने। अजमेर से लोकसभा का चुनाव लड़ा, मगर मोदी लहर में सीट नहीं निकाल पाए। भाजपा के सांवरलाल जाट से 1 लाख 71 हजार 983 वोटों से हार गए।
सचिन पायलट का साल 2018: कांग्रेस को जीत दिलवाकर डिप्टी सीएम बने

करारी शिकस्त के बाद बिखरी राजस्थान कांग्रेस को सचिन पायलट ने बतौर पीसीसी चीफ समेटा। कार्यकर्ताओं को फिर एकजुट किया। दिग्गज नेताओं का भरोसा भी जीता। 11 दिसंबर 2018 को नतीजा यह रहा कि राजस्थान में कांग्रेस को 100 सीटें मिलीं। भाजपा 73 सीटों पर ही रह गई।
राजस्थान सरकार बनने की बारी आई तो समर्थकों ने मांग भी उठाई कि मुख्यमंत्री सचिन पायलट को बनाया जाए, मगर सचिन पायलट की युवा सोच के सामने अशोक गहलोत का राजनीतिक अनुभव भारी पड़ा। गहलोत सीएम व पायलट डिप्टी सीएम बने।
सचिन पायलट का साल 2020, सरकार गिराने के आरोप लगे
साल 2018 की जीत के बाद राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ-साथ गहलोत-पायलट गुट भी बड़े होने लगे। गुटबाजी सरकारी कामकाज पर हावी रही और पायलट-गहलोत के बीच मन-मुटाव मतभेद में बदल गए तो सचिन पायलट अपने 21 विधायकों को साथ लेकर मानेसर के होटल में चल गए और अशोक गहलोत ने अपने समर्थक विधायकों के साथ जैसलमेर के होटल सूर्यगढ़ पैलेस में डेरा डाला। तब डिप्टी सीएम व पीसीसी चीफ होते हुए सचिन पायलट का नाम राजस्थान में अपनी ही पार्टी कांग्रेस की सरकार गिराने में उठा तो कभी पायलट को खुद की ही सरकार के मुखिया से वो भी सुनने को मिला, जिसके लिए मुखिया सीएम अशोक गहलोत को नहीं जाना जाता।
अपनी ही सरकार के सामने विरोध जताने और हाईकमान से अपनी मेहनत का फल मांगने पर उन्हें सीएम गहलोत से नाकारा, निकम्मा, नालायक जैसे शब्द मीडिया के कैमरों के सामने सुनने को मिले, लेकिन इसके पलटवार में सचिन पायलट ने बस चुप्पी साधे रखी। अपना संयम नहीं खोया। यह सब कांग्रेस आलाकमान की जानकारी में हुआ, मगर 21 विधायकों को छोड़कर किसी की भी आवाज़ अपने डिप्टी सीएम सचिन पायलट के लिए नहीं उठी।
यह साल कांग्रेस के साथ-साथ खुद सचिन पायलट के लिए संकटभरा है। 14 जुलाई 2020 को इनसे पीसीसी चीफ और राजस्थान डिप्टी सीएम दोनों पद एक साथ छीने गए। पायलट सिर्फ टोंक सीट से कांग्रेस के विधायक रहे गए। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीएम अशोक गहलोत ने उनको सबके सामने दरकिनार तक किया। फिर भी सचिन पायलट ने सब कुछ सहा। खुद को राजस्थान की राजनीति के सांचे में नए सिरे से ढाला।
सचिन पायलट का साल 2023: अब फिर किंगमेकर की भूमिका में

पांच साल तक तमाम सियासी दांव-पेच झेलने के बावजूद राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सचिन पायलट फिर किंगमेकर की भूमिका में हैं। राजस्थान कांग्रेस सियासी संकट में अपनी सरकार गिराने व बीजेपी में जाने के आरोपों का सामना करने के बावजूद सचिन पायलट ने कांग्रेस का हाथ नहीं छोड़ा।
अब चुनाव आए तो राजनीतिक परिपक्वता दिखाते हुए सचिन पायलट ने अशोक गहलोत के साथ अपने सियासी रिश्तों में फिर से मिठास घोल ली। शायद सचिन पायलट ने भी समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना।
सचिन पायलट का बचपन, परिवार व तलाक
- सचिन पायलट का जन्म 7 सितंबर 1977 को राजेश पायलट व रमा पायलट के घर यूपी के सहारनपुर में हुआ।
- राजेश पायलट भारतीय वायुसेना में पायलट, केंद्र में मंत्री व दौसा और भरतपुर से सांसद रहे।
- इनके पिता का असल नाम राजेश्वर प्रसाद बिधूड़ी था।
- वायुसेना में पायलट होने की वजह से उन्हें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने राजेश पायलट नाम दिया था, जो सचिन की भी पहचान बन गया।
- सचिन पायलट की प्रारंभिक शिक्षा नयी दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में हुई।
- सचिन की बहन का सारिका पायलट ने 2000 में बिजनेसमैन विशाल चौधरी से शादी।
- सचिन ने स्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज व अमरीका के पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए किया।
- विदेश में रहते ही सचिन सारा को दिल दे बैठे थे। दोनों ही राजनीतिक परिवार से होने के कारण बचपन से एक-दूसरे को जानते थे।
- सचिन पायलट व सारा पायलट के दो बेटे अरहान व विहान हैं। सारा से तलाक के बाद बच्चे सचिन पायलट के पास हैं।
- सचिन पायलट राजस्थान में 6 कंवर नगर, ग्रामीण बसरी तहसील कोटपूतली जयपुर और नोएडा के बैदपुरा गांव में रहते हैं।












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