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जापान के टोक्‍यो में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपेयो से मिले एस जयशंकर

टोक्‍यो। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर आज अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपेयो के साथ द्विपक्षीय मीटिंग की हैं। दोनों नेता इसके बाद क्‍वाड ग्रुप के सदस्‍य देश जापान, अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और भारत के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होंगे। पोंपेयो और जयशंकर के बीच मुलाकात जापान की राजधानी टोक्‍यो में हो रही है और दोनों ही नेताओं ने मास्‍क पहन कर मीटिंग में हिस्‍सा लिया। इस मीटिंग से पहले दोनों नेता कई बार आपस में फोन पर बात कर चुके हैं और उनके बीच क्षेत्रीय हालातों पर विस्‍तार से चर्चा हुई है।

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हिदं-प्रशांत क्षेत्र पर हुई चर्चा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने माइक पोंपेयो के साथ मीटिंग के दौरान कहा कि वह भारत और अमेरिका के बीच कई क्षेत्रों में साझेदारी को देखकर खुश हैं। उन्‍होंने साथ ही इस बात को भी जोर देकर कहा है कि भारत और अमेरिका आने वाले दिनों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धता के लिए काम करेंगे। द्विपक्षीय मीटिंग के बाद पोंपेयो और जयशंकर के बीच 2 प्‍लस 2 मीटिंग होगी। भारत और चीन के बीच 26 और 27 अक्‍टूर को 2 प्‍लस 2 मीटिंग होगी। दोनों देशों के बीच इस तरह की वार्ता की शुरुआत साल 2018 में हुई थी और इस वर्ष यह इस मीटिंग का तीसरा संस्‍करण है। इस मीटिंग के दौरान मोदी सरकार, अमेरिका के साथ बेसिक एक्‍सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA) साइन करने वाली है। चीन के साथ जारी टकराव के बीच साइन होने वाले इस समझौते के बाद भारत को बड़ी मदद मिलने वाली है। 2 प्‍लस 2 मीटिंग के बाद भारत और अमेरिका के बीच मंत्री स्‍तर की वार्ता एक कदम और बढ़ेगी। इस मीटिंग में विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोंपेयो के साथ मीटिंग करेंगे तो वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने अमेरिकी समकक्ष मार्क एस्‍पर के साथ अहम बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। पोंपेयो के जूनियर यानी उप-विदेश मंत्री स्‍टीफन बाइगन भी अक्‍टूबर के मध्‍य में भारत आने वाले हैं।

आज अहम है क्‍वाड की मीटिंग

क्‍वाड, यानी क्‍वाड्रिलैटरल सिक्‍योरिटी मीटिंग, की पहली मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया चीन से निकले कोरोना वायरस का सामना कर रही है तो वहीं भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में उसकी सेनाएं आमने-सामने हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा की चुनौतियों और आर्थिक ढांचे के बीच अब यह संगठन अपने कदम मजबूत कर रहा है। इस संगठन में भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, जापान और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं। ये वो देश हैं जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र से सीधा प्रभावित होते हैं और ये सभी देश चीन से त्रस्‍त हैं। क्‍वाड देशों की पहली मीटिंग पिछले वर्ष सितंबर में न्‍यूयॉर्क में आयोजित हुई थी। इस वर्ष 25 सितंबर को पहली मीटिंग हुई थी जो कि वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित हुई थी। साल 2007-2008 में इस संगठन की शुरुआत तो हुई लेकिन फिर कोई प्रगति नहीं हुई। इसके बाद साल 2017 में इस संगठन को पुर्नजीवित किया गया।

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