रूस के राजदूत बोले-Jammu Kashmir भारत का आतंरिक मसला, सरकार की मंशा पर शक गैर-वाजिब
नई दिल्ली। भारत में रूस के राजदूत निकोले कुडाशेव ने कहा है कि उनकी सरकार को जम्मू कश्मीर पर भारत सरकार की मंशा पर कोई शक नहीं है। कुडाशेव, विदेश मंत्रालय और थिंक टैंक की तरफ से आयोजित कार्यक्रम रायसीन डायलॉग में मौजूद थे और यहीं पर उन्होंने यह बात कही है। रूसी राजदूत ने यह बात उस कही जब उनसे हाल ही में कुछ देशों के राजदूतों की जम्मू कश्मीर यात्रा से जुड़ा सवाल पूछा गया था।

'मेरे कश्मीर दौरे की कोई वजह नहीं'
कुडाशेव ने कहा, 'जो लोग कश्मीर पर भारत की मंशा पर शक रखते हैं, वह वहां जा सकते हैं। हमें भारत सरकार की मंशा पर कोई शक नहीं है।' कुडाशेव से पूछा गया था कि भारत सरकार की तरफ से उन्हें जम्मू कश्मीर का दौरा करने का कोई न्यौता दिया गया था। उन्होंने आगे कहा, 'मुझे नहीं लगता है कि मुझे कश्मीर जाना चाहिए। जम्मू कश्मीर को लेकर जो भी फैसला है वह भारत का आतंरिक मसला है और यह भारत के संवैधानिक दायरे में आता है।' रूसी राजदूत का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्होंने कुछ दिनों पहले कहा था कि भारत सरकार की तरफ से कश्मीर की यात्रा का कोई आमंत्रण नहीं दिया गया था। पिछले दिनों 15 देशों के राजदूत भारत सरकार के आमंत्रण के बाद कश्मीर के दौरे पर गए थे। दो दिनों के इस दौरे का सारा इंतजाम सरकार ने ही किया था। राजदूतों ने जम्मू कश्मीर में राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों, सिविल सोसायटी के मेंबर्स और सेना के टॉप ऑफिसर्स से मुलाकात की थी। घाटी से आर्टिकल 370 हटने के बाद यह राजदूतों का पहला कश्मीर दौरा था।
साल 2025 तक होगा S-400 डिफेंस सिस्टम
कुडाशेव ने इस दौरा यह भी कहा कि चीन की तरफ से यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की गई थी। जबकि यह मसला पूरी तरह से भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है। वहीं, रूस के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रोमन बाबुशकिन ने भी विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की है। उन्होंने इस मीटिंग के बाद बताया कि भारत को साल 2025 तक सभी एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मिल जाएगा। एस-400, एस-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। विदेश मंत्री एस जयशंकर 22 और 23 मार्च को रूस जाएंगे। यहां पर वह रूस-भारत-चीन के त्रिपक्षीय सम्मेलन में शिरकत करेंगे।












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