SPUTNIK V वैक्सीन के लिए रूस के संपर्क में भारत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रूस की SPUTNIK V वैक्सीन को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है
नई दिल्ली। वैक्सीन के इंतजार के बीच देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को देश में कोरोना वायरस के 60975 नए मरीज सामने आए, जिसके बाद कुल केस बढ़कर 31 लाख के पार पहुंच गए। हालांकि राहत की बात ये है कि देश में कोरोना वायरस के मरीजों का रिकवरी रेट भी लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इस समय कोरोना के मरीजों का रिकवरी रेट 75 फीसदी से भी ज्यादा है। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने रूस की SPUTNIK V वैक्सीन को लेकर भी एक अहम जानकारी दी।
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रूस से वैक्सीन पर विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने बताया, 'रूस में रजिस्टर्ड हुई पहली कोरोना वायरस वैक्सीन SPUTNIK V को लेकर भारत ने रूस के साथ बातचीत की है। रूस ने भी इस संबंध में भारत के साथ वैक्सीन को लेकर शुरुआती जानकारी सांझा की है और फिलहाल हमें विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद वैक्सीन को लेकर आगे की बातचीत की जाएगी।'

स्वदेशी वैक्सीन की क्या है स्थिति
वहीं, इस दौरान आईसीएमआर के डायरेक्टर डॉ. बलराम भार्गव ने स्वदेशी वैक्सीन की जानकारी देते हुए बताया कि भारत में इस समय कोरोना वायरस के खिलाफ तीन वैक्सीन रेस में हैं। इनमें से सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन फेस-2(बी) और फेस-3 के ट्रायल में है। वहीं, भारत बायोटेक और जाइडस कैडिला की वैक्सीन पहले चरण का ट्रायल पूरा कर चुकी हैं।

11 अगस्त को रूस ने रजिस्टर्ड कराई थी वैक्सीन
आपको बता दें कि रूस ने बीते 11 अगस्त को मॉस्को के 'गैमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी' में तैयार की गई वैक्सीन SPUTNIK V को रजिस्टर्ड कराया था। रूस की इस वैक्सीन को लेकर वैश्विक तौर पर विरोध भी हो रहा है। दरअसल किसी भी वैक्सीन को आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तभी अप्रूवल मिलता है, जब वो ह्यूमन ट्रायल के तीन चरण पूरे कर लेती है। रूस ने इस वैक्सीन को तीसरे फेस का ट्रायल खत्म किए बिना ही ही आम लोगों के इस्तेमाल के लिए अप्रूवल दे दिया है।












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