Asian Games:'5 महीनों से घर पर बात नहीं की', मणिपुर की रोशिबिना ने जीता रजत, हिंसा पीड़ितों को किया समर्पित
Asian Games Roshibina Devi: एशियन गेम्स 2023 में भारत एक के बाद एक मेडल अपने नाम कर रहा है। अब मणिपुर की नाओरेम रोशिबिना देवी ने गुरुवार को वुशु महिलाओं की 60 किग्रा सांडा वुशु स्पर्धा में रजत पदक जीता है।
सिल्वर मेडल जीतने के बाद भी रोशिबिना देवी खुश नहीं नजर आई। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार सिल्वर लाई हूं, अगले बार गोल्ड लाऊंगी। इसी के साथ रोशिबिना मणिपुर हिंसा को लेकर भावुक हो गईं।

मेडल जीतने के बाद सोशल मीडिया पर रोशिबिना देवी का वीडियो और फोटोज तेजी से वायरल हो रही है। जिसमें वो मणिपुर के हालात पर बात करते हुए अपने आंसू नहीं रोक पाईं। रोशिबिना मणिपुर में अपने घर की स्थिति के बारे में बात करते हुए रो पड़ीं।
उन्होंने बताया कि मई के बाद से अपने परिवार को नहीं देखा है। इसी के साथ किसी तरह से वो तनाव में ना आए इसलिए उनके कोच उसे ट्रेनिंग के दौरान उसे अपने परिवार से बात करने से रोकते थे।
पदक जीतने के बाद रो पड़ीं रोशिबिना
रोशिबिना ने रजत पदक जीतने के बाद कहा, "मणिपुर जल रहा है। मणिपुर में लड़ाई चल रही है। मैं अपने गांव नहीं जा सकती। मैं यह पदक उन लोगों को समर्पित करना चाहती हूं, जो हमारी रक्षा कर रहे हैं और वहां पीड़ित हैं।"
मणिपुरी एथलीट फूट-फूटकर रो रही थी और उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं पता कि क्या होगा, लड़ाई जारी है। यह कब रुकेगी और पहले के समय की सामान्य जिंदगी में वापस लौटेगी।"
मैतेई समुदाय से आने वाली रोशिबिना मणिपुर के चुराचांदपुर से सटे बिष्णुपुर जिले के क्वाशीफाई गांव से हैं, जहां प्रतिद्वंद्वी कुकी जातीय समुदाय का वर्चस्व है।
फाइनल में चीन की खिलाड़ी से हारीं
चाइना के हांगझू में एशियन गेम्स 2023 में वूशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। रोशिबिना ने 60 किलोग्राम वीमेंस कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता है। हालांकि उनके पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका था, लेकिन फाइनल मुकाबले में चीन की खिलाड़ी से मात खा गईं।
रोशिबिना ने फाइनल में दो राउंड में 0-2 से हारने से पहले चीन की हेवीवेट वू शियाओवेई के खिलाफ एक बहादुर लड़ाई लड़ी।
मणिपुर के लोगों को दिया श्रेय
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए वुशु स्पर्धा के फाइनल में रजत पदक जीतने पर रोशिबिना देवी ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन मैं देश के लिए गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई तो थोड़ा दुखी भी हूं। मेडल का श्रेय मैं मणिपुर के लोगों और अपने सभी सर को देती हूं जिनके समर्थन से मैं यहां तक पहुंची हूं। मैं उन सबको धन्यवाद देती हूं।












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