NSA अजित डोवाल ने क्‍यों कहा रोहिंग्‍या मुसलमानों को टाइम बम

राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ने रोहिंग्‍या मुसलमानों को बताया टाइम बम की तरह। म्‍यांमार को दी चेतावनी पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन उठा सकते हैं इनका फायदा और हो सकती है बड़ी घटना।

नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल ने म्‍यांमार को रोहिंग्‍या मुसलमानों के मुद्दे पर म्‍यांमार को चेतावनी दी है। डोवाल ने म्‍यांमार से कहा है कि रोहिंग्‍या मुसलमानों का मुद्दा स्थिति को टाइम बम में बदल रहा है और जल्‍द से जल्‍द इसका हल तलाशना होगा।

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म्‍यांमार को चेतावनी

भारत की ओर से म्‍यांमार को साफ-साफ चेतावनी दी गई है कि अगर इस समस्‍या का हल नहीं तलाश गया तो फिर पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन इन्‍हें अपने मकसद के लिए प्रयोग कर लेंगे। भारत की ओर से म्‍यांमार को कहा गया है कि रोहिंग्‍या मुसलमानों को रेडिक्‍लाइज्‍ड किया जा रहा है यानी उन्‍हें चरमपंथी बनाया जा रहा है। लश्‍कर-ए-तैयबा इस काम को कर रही है। लश्‍कर म्‍यांमार के रास्‍ते इन मुसलमानों को भारत पर हमले के लिए प्रयोग करना चाहती है। डोवाल ने म्‍यांमार के एनएसए के सामने पूरी स्थिति स्‍पष्‍ट कर दी है। म्यांमार के एनएसए को बताया गया है कि अब इस मुद्दे का समाधान करना होगा क्योंकि यह टाइम बम की तरह बनता जा रहा है। डोवाल ने म्‍यांमार को इसका राजनीति हल भी निकालने को कहा है।

लश्‍कर दे रहा है ट्रेनिंग

भारत का मानना है कि सिर्फ कार्रवाई से काम नहीं चलेगा और म्‍यांमार को इस दिशा में कड़े कदम उठाने होंगे। म्‍यांमार को यह सुनिश्चित करना होगा कि लश्‍कर से सहानुभूति रखने वाले लोगों को हर हाल में रोका जाएगा। भारत की ओर से रोहिंग्‍या मुसलमानों से जुड़ी सभी जरूरी इंटेलीजेंस म्‍यांमार के साथ शेयर की गई है। भारतीय इंटेलीजेंस ब्‍यूरों (आईबी) के अधिकारियों ने कहा है कि लश्‍कर अपनी चैरिटी संस्‍थाओं के जरिए म्‍यांमार में दाखिल हो चुका है। यह संस्‍थाएं सिर्फ धोखा देने के लिए हैं और इनका मकसद रोहिंग्‍या मुसलमानों को चरमपंथ की ओर मोड़ रहा है। भारत में उच्‍च सूत्रों की ओर से बताया गया है कि यह मुद्दा सिर्फ भारत के लिए ही खतरनाक नहीं है। बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा है और बांग्‍लादेश जैसे देशों में भी आतंकवाद को बढ़ावा दे सकता है। आईबी की ओर से यह भी कहा गया है कि वर्ष 2012 से लश्‍कर ने म्‍यांमार में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। उस समय लश्‍कर के चीफ हाफिज सईद ने खुले तौर पर रोहिंग्‍या मुसलमानों को अपना समर्थन दिया था। पढ़ें-कौन हैं रोहिंग्‍या मुसलमान और क्‍या है इनकी वर्तमान स्थिति

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