एनआरसी की फाइनल लिस्ट में भी नहीं आया रिटायर आर्मी ऑफिसर सनाउल्लाह का नाम, बोले अभी उम्मीद बाकी

नई दिल्ली। असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की फाइनल लिस्ट शनिवार को जारी कर दी गई है। लिस्ट में 3.11 करोड़ लोगों को जगह दी गई है, जबकि असम में रहने वाले 19.06 लाख लोग इससे बाहर रखे गए हैं। एनआरसी की इस लिस्ट में भारतीय सेना से रिटायर्ड जूनियर कमिशंड ऑफिसर (जेसीओ) मोहम्मद सनाउल्लाह का नाम नहीं है। सनाउल्लाह कुछ महीने पहले तब सुर्खियों में आए थे जब फॉरनर्स ट्रिब्यूनल ने उन्हें विदेशी घोषित करते हुए डिटेंशन कैंप भेज दिया था। फाइनल असम एनआरसी लिस्ट में भी सनाउल्लाह अपना नाम शामिल नहीं करा सके हैं।

हाईकोर्ट में लंबित अपील पर फैसले का इंतजार करूंगा: सनाउल्लाह

हाईकोर्ट में लंबित अपील पर फैसले का इंतजार करूंगा: सनाउल्लाह

एनआरसी लिस्ट में अपना नाम ना होने पर सनाउल्लाह ने कहा कि मुझे आखिरी वक्त में एनआरसी लिस्ट में नाम जोड़ दिए जाने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इससे निराशा हुई है लेकिन अभी किसी भी अगले कदम से पहले फॉरनर्स ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में लंबित अपील पर फैसले का इंतजार करूंगा।

सनाउल्लाह की पत्नी का नाम, बेटी-बेटे का नहीं

सनाउल्लाह की पत्नी का नाम, बेटी-बेटे का नहीं

एनआरसी लिस्ट में सनाउल्लाह के साथ-साथ उनकी दो बेटियों और एक बेटे का नाम भी नहीं है। हालांकि सनाउल्लाह की पत्नी का नाम इसमें शामिल है। बता दें कि भारतीय सेना से रिटायर्ड सनाउल्लाह ने साल 1987 में फोर्स ज्वाइन किया था। उनको सेवा के लिए राष्ट्रपति मेडल मिल चुका है। वो मई में तब अचनाक चर्चा में आए थे जब ट्रिब्यूनल ने उनको विदेश घोषित कर डिटेंशन कैंप में भेज दिया था। इस पर वो गुवाहाटी हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट में अभी भी मामला चल रहा है।

एनआरसी लिस्ट में नाम ना होने पर ये विकल्प

एनआरसी लिस्ट में नाम ना होने पर ये विकल्प

केंद्र सरकार और असम सरकार ने आश्वस्त किया है कि जिनका नाम लिस्ट में नहीं है, उनको किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा और उनके लिए अन्य विकल्प खुले हैं। जिन लोगों के नाम एनआरसी की अंतिम लिस्ट में नहीं होंगे, उन्हें तब तक विदेशी घोषित नहीं किया जा सकता है, जब तक सभी कानूनी विकल्प इस्तेमाल नहीं किए जाते। अंतिम लिस्ट में नाम नहीं होने पर विदेशी ट्रिब्यूनल में अपील की जा सकेगी। सरकार ने विदेशी ट्रिब्यूनल में अपील करने की डेडलाइन को 60 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन कर दिया है। विदेशी ट्रिब्यूनल में केस हारने के बाद उनके पास सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता भी होगा। एनआरसी की अंतिम लिस्ट में नाम नहीं होने पर किसी को भी डिटेंशन सेंटर में नहीं रखा जाएगा।

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