गोवा के साओ जैसिंटो द्वीप पर लोगों ने किया तिरंगा फहराने का विरोध, CM बोले- घटना दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक
पणजी, अगस्त 14: स्वतंत्रता दिवस से पहले गोवा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बीते शुक्रवार को दक्षिण गोवा के जैसिंटो द्वीप के निवासियों ने नौसेना के ध्वाजारोहण के कार्यक्रम का विरोध किया है। जिसके बाद नौसेना ने साओ जैसिंटो द्वीप पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। यहां के निवासियों ने कहा कि वे नहीं चाहते कि केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारी वहां झंडा फहराए। लोगों का कहना है कि उन्हें सरकारी अधिकारियों पर विश्वास नहीं है।

नौसेना ने कहा कि उसे स्वतंत्रता दिवस पर दक्षिण गोवा के साओ जैसिंटो द्वीप पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपनी योजना को रद्द करना पड़ा है, क्योंकि स्थानीय निवासियों ने इस पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने नौसेना के अधिकारियों से झंडा फहराने के निर्धारित कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने द्वीपवासियों को चेतावनी दी है कि भारत विरोधी गतिविधियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
साओ जैसिंटो द्वीप के निवासियों ने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने झंडा फहराने का विरोध नहीं किया है। लेकिन उन्हें डर है कि रविवार को प्रस्तावित नौसेना का कार्यक्रम इस द्वीप को प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2020 के तहत भविष्य में अपने अधिकार में लेने का केंद्र सरकार का प्रयास हो सकता है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि ध्वजारोहण द्वीप पर "किसी भी कीमत पर" होगा और इस आयोजन के लिए गोवा पुलिस से नौसेना को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत 13 से 15 अगस्त के बीच देश भर के द्वीपों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की योजना बनाई है। राज्य में डाबोलिम के पास नौसेना के आईएनएस हंसा बेस के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि गोवा नौसेना की एक टीम ने इस अखिल भारतीय पहल के तहत साओ जैसिंटो सहित राज्य के द्वीपों का दौरा किया। हालांकि, स्थानीय निवासियों की आपत्ति के कारण साओ जैसिंटो द्वीप पर योजना को रद्द करना पड़ा।
नौसेना के अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रव्यापी 'आजादी का अमृत महोत्सव' पहल देशभक्ति की भावना पैदा करने और आजादी के 75वें वर्ष तक जश्न मनाने के लिए शुरू की गई है। जिस जगह पर नौसेना झंडा फहराने का कार्यक्रम करने वाली थी, उस जमीन के मालिक एंथनी रोड्रिग्ज ने कहा कि कार्यक्रम के लिए वह पहले ही नौसेना को अपनी स्वीकृति दे चुके हैं, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, 'कई स्थानीय निवासी मेरे आवास पर आए और मुझसे कहा कि मैंने झंडा फहराने के कार्यक्रम के लिए अनुमति क्यों दी। आपत्ति यह है कि नौसेना भविष्य में द्वीप को अपने नियंत्रण में ले सकती है। इसलिए मैंने नौसेना को स्थानीय लोगों की आपत्तियों से अवगत कराया।
एक अन्य निवासी कस्टोडियो डिसूजा ने कहा कि मुद्दा झंडा फहराने का नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर नौसेना हमारे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होती है तो हमें इसमें कोई परहेज नहीं है। द्वीप के लोगों को चिंता है कि केंद्र सरकार प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2020 के तहत भविष्य में द्वीप को अपने नियंत्रण में ले सकती है। हालांकि बाद में स्थानीय लोग नौसेना की ओर से आश्वत किए जाने के बाद झंडा फहराने के लिए मान गए।












Click it and Unblock the Notifications