जिस एयर इंडिया प्लेन में हुई 275 मौतें, क्या उसमें थी तकनीकी गड़बड़ी? सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट!
Air India flight AI171 Crash: अहमदाबाद से उड़ान भरते ही 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 275 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। The American Prospect द्वारा प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एयर इंडिया को जो विमान सालों पहले दिए गए थे, उनमें निर्माण के समय ही गंभीर तकनीकी खामियां थीं। इन खामियों की जानकारी एक व्हिसलब्लोअर ने पहले ही दे दी थी। लेकिन इसको शायद नजर अंदाज किया गया।
इंडिया टुडे के मुताबिक एक दशक पहले बोइंग के एक व्हिसलब्लोअर ने उन Boeing 787 ड्रीमलाइनर विमानों की गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर खामियों की जानकारी दी थी, जो बाद में एयर इंडिया को दिए गए। हाल ही में अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया फ्लाइट 171 के बाद यह मामला फिर चर्चा में आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण प्रक्रिया में संरचनात्मक खामियों को नजरअंदाज किया गया था, जिससे विमान की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।

Boeing 787 को लेकर और क्या-क्या दावे किए गए रिपोर्ट में?
🌐 रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग के दो पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया है कि दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन प्लांट में 10 साल से भी ज्यादा समय से गुणवत्ता से जुड़ी समस्याएं थीं। इनमें से एक, सिंथिया किचन्स, जो 2009 से 2016 तक गुणवत्ता प्रबंधक थीं, ने कई सबूत (डॉक्यूमेंट, फोटो आदि) के साथ बताया कि उस दौरान बनाए गए कई 787 विमानों में गंभीर तकनीकी खामियां थीं। इनमें से छह विमान एयर इंडिया को दिए गए थे।
🌐 इंजीनियर सैम साल ने भी संकेत दिया था कि विमान के धड़ को जोड़ते समय छोटे लेकिन खतरनाक अंतर को ठीक से नहीं भरा जाता था - जो हफ्तों के बजाय महीनों बाद भी विफलता का कारण बन सकता था ।
🌐इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 की दुर्घटना से इनका कोई आधिकारिक संबंध साबित हुआ है। इस रिपोर्ट पर फिलहाल बोइंग और एयर इंडिया की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। (खबर लिखे जाने तक) इसके बावजूद, बोइंग की गुणवत्ता और निगरानी प्रणाली को लेकर सवाल जरूर उठे हैं।
🌐 अहमदाबाद दुर्घटना में शामिल ड्रीमलाइनर AI171 विमान जनवरी 2014 में एयर इंडिया को दिया गया था। यह बोइंग के वाशिंगटन स्थित प्लांट में बना था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इसके कुछ हिस्से चार्ल्सटन में बने थे-जहां गुणवत्ता को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी।
🌐 रिपोर्ट में कहा गया है कि बोइंग के इंजीनियर और कुछ पूर्व कर्मचारियों ने 787 विमानों में इस्तेमाल होने वाले कंपोजिट फाइबर एयरफ्रेम को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि यह तकनीक लंबे समय में छिपी हुई संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर नहीं करती। साथ ही, कुछ मुखबिरों का आरोप है कि चार्ल्सटन प्लांट में प्रोडक्शन टारगेट जल्दी पूरा करने के दबाव में कई बार खराब पार्ट्स को भी इस्तेमाल किया गया।
(वनइंडिया हिंदी इन दावों की पुष्टि नहीं करता है...ये रिपोर्ट The American Prospect में छपे लेख के आधार पर लिखी गई है)












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