देश के पहले लोकपाल की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, आवेदन की अंतिम तिथि 7 फरवरी

सरकार ने उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रारों, राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों और केन्द्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के पास इन रिक्त स्थानों को भरने के सबंध में जानकारी भेजी है और योग्य उम्मीदवारों के नामांकन 7 फरवरी, 2014 तक मंगवाने को कहा है। यानी 7 फरवरी तक इच्छुक लोग आवेदन भेज सकते हैं। नई व्यवस्था देश को एक प्रभावकारी भ्रष्टाचार निरोधक ढांचा देने की दिशा में संसद और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
ऐतिहासिक लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 संसद ने (राज्यसभा ने 17 दिसंबर, 2013 और लोकसभा ने 18 दिसंबर, 2013) को पारित किया था जिससे केन्द्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त गठित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। नया कानून उच्च स्तरों पर होने वाले भ्रष्टाचार सहित सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों से निपटने के लिए एक तंत्र प्रदान करेगा।
इस अधिनियम की एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने सिविल सोसाइटी सहित सभी हितधारकों के साथ बार-बार विचार-विमर्श के बाद वर्तमान आकार लिया है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम एकमात्र ऐसा कानून है जिस पर संसद के बाहर और भीतर इतने बड़े पैमाने पर विचार-विमर्श किया गया है और इसके कारण भ्रष्टाचार से निपटने के लिए लोकपाल जैसी एक प्रभावकारी संस्था की आवश्यकता के बारे में जनता के मन में जागरूकता पैदा हुई है।
सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक कुछ और महत्वपूर्ण लंबित कानूनों जैसे व्हीसल ब्लोअर सुरक्षा विधेयक, 2011, विदेशी रिश्वतखोरी विधेयक और निजी क्षेत्र में होने वाला भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में संशोधन तथा सामान और सेवा की निर्धारित समय पर सुपुर्दगी का अधिकार विधेयक को संसद में जल्द लाने का फैसला किया है।












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