चंद्रमा पर आखिर किस वजह से आ रहे भूकंप? चंद्रयान-3 के साथ गए ILSA से मिली डराने वाली जानकारी
Earthquakes on the moon: आपने देश के किसी कोने में भूकंप की खबरें तो सुनी ही होंगी। हो सकता है कि भूकंप के झटकों को आपने कभी महसूस भी किया हो। मगर क्या आप जानते हैं कि सिर्फ धरती ही नहीं बल्कि ऐसे झटके ऊपर चंद्रमा पर भी महसूस होते हैं। जी हां! चंद्रयान-3 ने खुलासा किया है कि चंद्रमा पर धरती पर आने वाले भूकंप जैसे झटके महसूस होते हैं।
जुटा रहे चांद से जुड़ी जानकारी
इसका मतलब चांद पर भी भूकंप आता है। मगर ये भूकंप क्यों आता है, इस बात का जवाब भी इसरो ने ही दिया है। चंद्रयान 3 के हमारे मिशन के तहत चांद से जुड़ी कुछ खास जानकारियां हासिल हुई हैं। इन्हें लेकर इसरो ने क्या कुछ कहा, चलिये जानते हैं।

किसने इकट्ठा किया डेटा?
इसरो के अनुसार, ये झटके उल्कापिंड के प्रभाव या थर्मल प्रभाव के कारण हो सकते हैं। चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर पर लगे लूनर सिस्मिक एक्टिविटी इंस्ट्रूमेंट Lunar Seismic Activity (ILSA) द्वारा डेटा इकट्ठा किया गया था।
ILSA द्वारा डेटा कलेक्शन
2 सितंबर, 2023 को बंद होने से पहले ILSA ने 190 घंटे का भूकंपीय डेटा रिकॉर्ड किया। इसके बाद उपकरण को उसके मूल स्थान से लगभग 50 सेंटीमीटर दूर ट्रांसफर कर दिया गया। कुल मिलाकर, ILSA ने चंद्रमा की सतह पर लगभग 218 घंटे काम किया।
'इकारस' जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर में इन निष्कर्षों का सारांश दिया गया है। स्टडी में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि एकत्रित आंकड़ों से अधिक जानकारी निकालने के लिए विस्तृत विश्लेषण जरूरी है।
पहचाने गए ये संकेत
शोधकर्ताओं ने डेटा से 250 से ज्यादा विशिष्ट संकेतों की पहचान की। इनमें से लगभग 200 संकेत रोवर की गतिविधियों या वैज्ञानिक संचालन से जुड़ी ज्ञात गतिविधियों से जुड़े थे। हालांकि, लगभग 50 संकेत लैंडर या रोवर की किसी भी ज्ञात गतिविधि से जुड़े नहीं थे।
क्या कहती है शुरुआती रिपोर्ट?
इसरो ने चंद्रयान-3 से प्राप्त भूकंपीय आंकड़ों का प्रारंभिक विश्लेषण किया। इस प्रारंभिक जांच से चंद्रमा पर होने वाले भूकंपों के कारणों के बारे में जानकारी मिली, जिससे पता चला कि ये भूकंप उल्कापिंडों के प्रभाव या गर्मी से संबंधित घटनाओं के कारण हो सकते हैं।
ILSA चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर द्वारा ले जाए गए पांच प्रमुख वैज्ञानिक उपकरणों में से एक है। ये उपकरण विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के संचालन और चंद्रमा की सतह से मूल्यवान डेटा इकट्ठा के लिए जरूरी हैं।
क्या कहती है स्टडी?
रिसर्चर्स ने इस बात पर जोर दिया कि ILSA द्वारा एकत्र किए गए भूकंपीय डेटा को पूरी तरह से समझने और व्याख्या करने के लिए और ज्यादा डीटेल्ड स्टडी की जरूरत है। इस तरह के अध्ययनों से चंद्रमा पर होने वाली भूकंपीय गतिविधि और इसके संभावित कारणों के बारे में गहन जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
यह खोज निरंतर चंद्र अन्वेषण और अनुसंधान के महत्व को रेखांकित करती है। चंद्रमा पर भूकंपीय गतिविधि को समझना इसकी भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं और इतिहास के बारे में खास जानकारी प्रदान कर सकता है।












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