नोटबंदी के डेटा पर चिदंबरम के सवाल, वित्त मंत्री जेटली के जवाब
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के डेटा जारी कर दिया है। RBI की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के अनुसार 1000 रुपए के कुल 670 करोड़ नोटों में से 8.9 करोड़ नोट वापस नहीं आए हैं। इस तरह से यह कहा जा सकता है कि सिर्फ 1000 रुपए के नोटों में ही 8.9 हजार करोड़ रुपए वापस नहीं आए हैं। आरबीआई का डेटा सामने आने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने आरबीआई के आंकड़ों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि नोटबंदी अपने उद्देश्यों में कामयाब रही। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने पलटवार किया है, उन्होंने आरबीआई पर निशाना साधा है।
अरुण जेटली बोले- नोटबंदी अपने उद्देश्यों में कामयाब रही

नोटबंदी को लेकर रिजर्व बैंक ने जो आंकड़े दिए हैं उसको लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से आतंकियों की कमर टूटी है। नोटबंदी का उद्देश्य पैसा जब्त करना नहीं है। इस कदम से टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी। नोटबंदी से डिजिटल इकोनॉमी मजबूत हुई है। नोटबंदी से जीएसटी मजबूत हुआ। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार का कदम बिल्कुल सही राह पर है। नोटबंदी अपने उद्देश्यों में कामयाब रही।

चिदंबरम के निशाने पर आरबीआई
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट करके बताया कि नोटबंदी में चलन से बाहर किए गए 15,44,000 करोड़ रुपये के नोट में से 16,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं आए। ये करीब एक फीसदी है। ऐसे में आरबीआई को शर्म आनी चाहिए जिसने नोटबंदी की अनुशंसा की।

पी. चिदंबरम ने अगले ट्वीट में कहा कि नोटबंदी के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने 16,000 करोड़ हासिल किए, लेकिन 21,000 करोड़ रुपये नए नोट छपवाने में खर्च किए। ऐसे अर्थशास्त्री नोबल पुरस्कार के योग्य हैं। पी. चिदंबरम ने आगे कहा कि 99 फीसदी नोट कानूनी तौर पर बदले गए! क्या नोटबंदी ऐसी योजना थी जिसके जरिए काले धन को सफेद में बदलने की योजना बनाई गई थी?
आपको बता दें कि मोदी सरकार ने पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला किया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में इसका एलान किया था, जिसके तहत 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करके 500 और 2000 के नए नोट सर्कुलेशन में लाने का ऐलान किया गया था।












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