रांची की कोर्ट ने कुरान बांटने की शर्त पर दी जमानत, छात्रा बोली- छोटी सी पोस्ट के लिए मस्जिद जाना पड़ेगा

नई दिल्ली। रांची की कोर्ट ने जिस तरह से अपने फैसले में छात्रा को कुरान की पांच प्रतिया बांटने का फैसला सुनाया है, उसके बाद से लगातार इस मसले को लेकर चर्चा हो रही है। खुद छात्रा ने कोर्ट के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह कोर्ट के फैसले से खुश नहीं है। मगंलवार को रांची की कोर्ट ने छात्रा रिचा भारती को इस शर्त पर जमानत दी है कि वह कुरान की पांच प्रतियां अलग-अलग संस्थाओं को बाटेंगी और इसकी रसीद अगले 15 दिन के भीतर कोर्ट में पेश करेंगी।

मैने किसी की भावना आहत नहीं की

मैने किसी की भावना आहत नहीं की

कोर्ट के इस फैसले से हर कोई आश्चर्यचकित है और इसपर नाराजगी जताई है। कोर्ट के फैसले के बाद भारती ने कहा कि यद्यपि मैं कोर्ट की इज्जत करती हूं, लेकिन मैं कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हूं। मुझे फेसबुक पर साधारण सी पोस्ट को लेकर कुरान बांटने के लिए मस्जिद जाना पड़ेगा। अपने भगवान के बारे में लिखना कतई गलत नहीं है। रिचा ने किसी की भी भावना को आहत करने के आरोप से इनकार किया है। उसने कहा कि मैंने यह पोस्ट नहीं लिखी थी मैंने इसे बस कट, कॉपी, पेस्ट किया था। लेकिन दूसरे समुदाय के लोगों से कभी भी हनुमान चालीसा बांटने के लिए नहीं कहा गया है, यह सही नहीं है।

षड़यंत्र के तहत किया गया

षड़यंत्र के तहत किया गया

कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू जागरण मंच के नेता स्वामी दिव्यानंद ने कहा कि यह एक षड़यंत्र के तहत किया गया है। लोग इस तरह कि या यूं कहें इससे भी बदतर चीजें फेसबुक पर साझा करते हैं। हिंदू देवी-देवाओं का अपमान किया जाता है, लेकिन इसपर किसी भी तरह का विवाद नहीं होता है। लेकिन यह षड़यंत्र के तहत किया ग या है। भाजपा नेता प्रतुल शहदेव ने कहा कि यह अजीबोगरीब फैसला है। मैंने फैसला अभी तक पढ़ा नहीं है, लेकिन जिस तरह से मीडिया में इसे रिपोर्ट किया गया है, मैंने इस तरह का देश के इंतिहास में कभी नहीं सुना है।

सशर्त जमानत

सशर्त जमानत

आरोपी छात्रा की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील रामपरवेश सिंह ने कहा कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है कि छात्रा को कुरान की एक कॉपी अंजुमान इस्लामिया को प्रशासन की मौजूदगी में देनी होगी। जबकि छात्रा चार अन्य कुरान की प्रति अलग-अलग कॉलेज व स्कूल की लाइब्रेरी को स्थानीय पुलिस के माध्यम से देगी। छात्रा को पांचो कुरान की प्रति की रसीद भी कोर्ट के भीतर 15 दिन के भीतर पेश करनी है। बता दें कि छात्रा के खिलाफ रांची के पिथोरिया पुलिस स्टेशन में फेसबुक पर आपत्तिजनक सांप्रदायिक कमेंट को लेकर केस दर्ज हुआ था।

छात्रा को किया गया था गिरफ्तार

छात्रा को किया गया था गिरफ्तार

केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी छात्रा को गिरफ्तार कर लिया था और उसे जेल भेज दिया था। जिसके बाद लोगों ने छात्रा की गिरफ्तारी का घोर विरोध किया था। स्थानीय राइट विंग हिंदू समुदाय के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया था। शनिवार को इन लोगों ने पिथोरिया पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। हालांकि एसपी आशुतोष शेखर ने उन्हें इस बात का भरोसा दिया कि जल्द ही छात्रा को रिहा कर दिया जाएगा, जिसके बाद लोगों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया।

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