ED के एक्शन से तिलमिलाईं पत्रकार राणा अय्यूब, दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
Rana Ayyub ED की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं हैं। उन्होंने कहा है कि अटैचमेंट की अवधि समाप्त होने के बाद भी PMLA के तहत कार्रवाई जारी है। Rana Ayyub ED pmla delhi high court
नई दिल्ली, 17 अगस्त : Rana Ayyub ED की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं हैं। महिला पत्रकार राणा अय्यूब ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से धन की कुर्की के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। अय्यूब की याचिका में कहा गया है कि "180 दिनों के बाद अनंतिम कुर्की (provisional attachment) समाप्त हो गई है, फिर भी निर्णायक प्राधिकरण (ईडी) प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्यवाही जारी रखे हुए है।" न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ राणा अय्यूब याचिका पर सुनवाई करेगी।

फंड जुटाया गया, इस्तेमाल पर सवाल
प्रवर्तन निदेशालय ने फरवरी के महीने में COVID-19 राहत कार्य के लिए धर्मार्थ निधि के संग्रह में कथित अनियमितताओं के संबंध में राणा अय्यूब की 1.77 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से संलग्न किया था। ईडी के मुताबिक, जांच से यह बात साफ हो गई है कि चैरिटी के नाम पर पूरी तरह से पूर्व नियोजित और व्यवस्थित तरीके से फंड जुटाया गया। जिस मकसद से फंड जुटाया गया था, उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया।
करोड़ों रुपये जुटाने का आरोप
ईडी ने कहा कि एफआईआर 28 अगस्त, 2021 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित विकास सांकृत्यायन आवास की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। ईडी के अनुसार विकास सांकृत्यायन की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी से पता चलता है कि राणा अय्यूब ने तीन अभियानों में 'केटो' प्लेटफॉर्म (जो एक ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म है) के माध्यम से करोड़ों की राशि जुटाई। अप्रैल-मई 2020 के दौरान झुग्गीवासियों और किसानों के लिए धन, राहत कार्य के लिए जून-सितंबर 2020 के दौरान असम, बिहार और महाराष्ट्र और मई-जून 2021 के दौरान भारत में कोविड-19 से प्रभावित लोगों के लिए सहायता के नाम पर पैसे जुटाए गए।
विदेश यात्रा के लिए हाईकोर्ट से मिली अनुमति
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गत अप्रैल में पत्रकार राणा अय्यूब को विदेश यात्रा करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा था कि यह मानने का कोई ठोस कारण नहीं है कि याचिकाकर्ता (राणा अय्यूब) जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं होंगी, इसलिए लुकआउट सर्कुलर जारी करने के लिए कोई मामला नहीं बनता है।
लुक आउट सर्कुलर खारिज
ED की राणा अय्यूब के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) वाली अपील पर अदालत ने कहा था कि LOC में कोई मेरिट नहीं है। इससे याचिकाकर्ता की विदेश यात्रा करने और उसकी भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग जैसे मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। ऐसे में इसे खारिज किया जाता है।












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