राम लला के प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए JDS नेता कुमारस्वामी, अयोध्या से कर्नाटक के लिए दिया ये सियासी संदेश
अयोध्या में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वालों में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और उनका परिवार भी है।
उनकी उपस्थिति से यह बात लगभग पक्की लग रही है कि आने वाले लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में जेडीएस-बीजेपी का गठबंधन पक्का है और मजबूत है। क्योंकि, भाजपा-विरोधी ज्यादातर पार्टियों ने भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को एक तरह से बहिष्कार ही किया है।

पूरे परिवार के साथ प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए कुमारस्वामी
अयोध्या में मीडिया के सवालों पर कुमारस्वामी ने जो कुछ कहा है, उससे भी यही संदेश निकल रहा है कि अगले चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी के साथ उनकी यारी पक्की हो चुकी है।
'यह हमारे जीवन का ऐतिहासिक पल है'
इस मौके पर कर्नाटक के पूर्व सीएम ने कहा, 'हम बहुत सौभाग्यशाली हैं कि भगवान रामलला के सामने से दर्शन का अवसर मिला है....यह हमारे जीवन का ऐतिहासिक पल है.....हम बहुत खुश हैं....।'
'भगवान राम के आशीर्वाद से पूरा देश प्रगति करेगा'
जब उनसे पूछा गया कि वह अयोध्या से क्या संदेश देना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, 'हमें शांतिपूर्ण समाज की आवश्यकता है.....भगवान राम के आशीर्वाद से पूरा देश प्रगति करेगा....हम भगवान राम से प्रार्थना करेंगे कि हमें आशीर्वाद दें......'
लगता है कि अयोध्या आकर जेडीएस नेता भी पूरी तरह से राममय हो चुके हैं और यह कर्नाटक की मौजूदा राजनीति में बहुत बड़े बदलाव का संकेत है। क्योंकि, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है और बीजेपी-जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन से उसके लिए चुनौती खड़ी हो चुकी है।
'भारतीय इतिहास में यह दिन लंबे समय तक याद किया जाएगा'
वहीं उनके बेटे निखिल कुमारस्वामी ने कहा, 'भारतीय इतिहास में यह दिन लंबे समय तक याद किया जाएगा। मेरे लिए यह बहुत बड़ा संयोग है कि आज मेरा जन्मदिन है, इसलिए यहां होना मेरे लिए बड़े ही गौरव की बात है....पूरा देश इसका इंतजार कर रहा था। भगवान राम पूरे देश को और सभी समुदायों को शांतिपूर्ण तरीके से रहने का आशीर्वाद दें।'
पिछले साल के आखिर में आरएसएस के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख राम लाल ने अन्य नेताओं के साथ कुमारस्वामी, उनकी पत्नी अनीता कुमारस्वामी और उनके बेटे निखिल कुमारस्वामी को राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अयोध्या आने का निमंत्रण दिया था।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कुमारस्वामी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को भी अयोध्या आने का न्योता दिया गया था।
बीजेपी जेडीएस के लिए छोड़ सकती है दो लोकसभा सीट
2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनावों के बाद ही जेडीएस बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए में शामिल हो गया था। बीजेपी की ओर राज्य की 28 लोकसभा सीटों में से पार्टी के लिए दो सीटें छोड़े जाने की चर्चा है। पार्टी के एक नेता को राज्यसभा में जगह दिए जाने की बात कही जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आने लोकसभा चुनावों में एचडी कुमारस्वामी मांड्या लोकसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार हो सकते हैं। यह भी चर्चा है कि बीजेपी हासन लोकसभा सीट भी इनके भाई एचडी रेवन्ना के लिए छोड़ सकती है।
2019 के लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में जेडीएस का कांग्रेस के साथ गठबंधन हुआ था। तब मांड्या में निखिल कुमारस्वामी गठबंधन उम्मीदवार थे, जिन्हें निर्दलीय सांसद सुमालता अंबरीश के हाथों हार मिली थी। अंबरीश को बीजेपी का समर्थन प्राप्त था।
पिछले चुनाव में जेडीएस 7 सीटों पर लड़ी थी और सिर्फ 1 सीट जीती थी। कांग्रेस को भी एक ही सीट मिली थी। जबकि बीजेपी 25 सीटें अकेले जीती थी और एक पर उसके समर्थन से निर्दलीय को कामयाबी मिली थी।












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