राकेश टिकैत ने सिरसा में महापंचायत में लिया हिस्सा, 5 किसानों की रिहाई की मांग
नई दिल्ली, 18 जुलाई। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले कई महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शनिवार को सिरसा में आयोजित महापंचायत में हिस्सा लिया। धारा 144 का उल्लंघन करते हुए इस महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमे किसान नेता राकेश टिकैत ने भी हिस्सा लिया। महापंचायत के दौरान पांच किसानों को रिहा किए जाने की मांग की गई, जिन्हें देशद्रोह के आरोप में गुरुवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया था। इन लोगों पर आरोप है कि इन लोगों ने हरियाणा के डेप्युटि स्पीकर रणबीर गंगवा पर 11 जुलाई को हमला कर दिया था।

कॉर्पोरेट चला रहे सरकार
किसानो को रोकने के लिए पुलिस ने भारी बैरिकेडेंग लगाई थी ताकि ये लोग शहीद भगत स्टेडियम ना पहुंच पाएं। लेकिन बावजूद इसके किसान महापंचायत स्थल तक पहुंचने में सफल रहे। सिरसा प्रशासन ने भी बड़ी संख्या में पैरामिल्ट्री के जवानों के साथ हरियाणा पुलिस को भी प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात किया था। महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार उद्योगपतियों के इशारे पर चल रही है।
भाजपा कार्यकर्ता गलतफहमी में हैं
टिकैत ने कहा कि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को यह गलतफहमी है कि उनकी सरकार केंद्र में है। लेकिन मोदी सरकार को उद्योगपति चला रहे हैं। यही वजह है कि ये लोग प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ बात करने में विफल रहे हैं। अगर कोई और पार्टी सत्ता में होती तो ये लोग इस स्थिति को खत्म करने के लिए जरूर बैठक करते। भाजपा के दिग्गज नेता एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी को एक तरह से जेल में बंद कर दिया गया है और उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है।
भाजपा के नेता भड़का रहे हैं
राकेश टिकैत ने कहा कि जो नेता लगातार अपनी आवाज उठाते रहे थे जब वह विपक्ष में थे अब उनकी ही पार्टी की सरकार आने के बाद उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि किसान आंदोलन को दिल्ली बॉर्डर से हटाकर हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर शिफ्ट कर दिया जाए। यही वजह है कि भाजपा नेता किसानों को इन इलाकों में भड़का रहे हैं। जिस तरह से तकरीबन 100 किसानों पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया है उसके खिलाफ राकेश टिकैत ने सुप्रीम कोर्ट के बयान का हवाला देते हुए केंद्र हमला बोला, जिसमे कोर्ट ने पूछा था कि क्या अब भी हमे उस अंग्रेजी कानून की जरूरत है जिसकी मदद से अंग्रेज गांधीजी को चुप कराते थे।
अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन
इसके साथ ही राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि वह 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश में महापंचायत करेंगे, यह महापंचायत भाजपा के खिलाफ मेरठ में की जाएगी। इसके साथ ही हम यूपी, उत्तराखंड, पंजाब में भी भाजपा सरकार के खिलाफ मिशन की शुरुआत करेंगे, जहां पर विधानसभा चुनाव होने हैं। बता दें कि शनिवार को किसानों की 20 सदस्यीय कमेटी ने सिरसा प्रशासन से मुलाकात की थी, जिसमे इन लोगों ने गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा कनरे की मांग की थी, लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही थी।












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