टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर को क्यों दिलाई गई दोबारा शपथ? उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने बताई वजह
पश्चिम बंगाल की टीएमसी नेता व राज्यसभा सांसद ममता बाला ठाकुर को जब राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने के लिए पहली बार सदन में आमंत्रित किया गया तो कथित रुप से उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 99 का किया। जिसके चलते सदन में उनकी शपथ को अमान्य कर दिया और दूसरी बार शपथ ग्रहण करने का आदेश दिया।
टीएमसी नेता ममता बाला ठाकुर की शपथ को राज्यसभा के सदन ने मान्यता क्यों नहीं दी, सदन को ऐसा निर्णय क्यों लेना पड़ा, इसको लेकर राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने मीडिया को सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि ममता बाला ठाकुर की दूसरी बार ली शपथ को ही सदन में मान्यता दी है।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, "आज राज्यसभा के 10 नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली। पश्चिम बंगाल की ममता ठाकुर ने बांग्ला भाषा में शपथ ली। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार ये बदलाव किया। इसके अलावा 'भगवान' शब्द भी इस्तेमाल किया। सपथ में देवता का नाम लेना संविधान के अनुच्छेद 99 का उल्लंघन है।
उपसभापति ने कहा, संसद में शपथ का एक निर्धारित प्रारूप है। सदन के सभापति ने ममता ठाकुर को दोबारा शपथ लेने का आदेश दिया गया। इस बार उन्होंने नियमों का पालन किया।"
उप सभापति ने कहा कि मनोनीत सदस्य संविधान की तीसरी अनुसूची के अनुसार शपथ ले सकते हैं, वे भाषाओं की आठवीं सूची में सूचीबद्ध भाषाओं में शपथ ले सकते हैं। संविधान निर्धारित नियमों से हटकर किसी भी शब्द की शपथ लेते वक्त अनुमति नहीं जा सकती। अगर ऐसा होता है तो इसे अवैध माना जाएगा और शपथ को अमान्य कर दिया जाएगा।"












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