कौन बनेगा आप से राज्य सभा सांसद, पार्टी तैयार कर रही है रणनीति
नई दिल्ली। राज्यसभा के चुनावों का ऐलान हो गया है। शुक्रवार (22 दिसंबर) को चुनाव आयोग ने इसका ऐलान कर दिया। हालांकि इस चुनाव पर फिलहाल आम आदमी पार्टी चुप है। पार्टी के सूत्रों के अनुसार राज्यसभा में जाने वाले उम्मीदवारों का नाम चुनने के लिए आगे 2 दिनों के भीतर पॉलिटिकर अफेयर की समिति बैठक करने वाली है। पार्टी आलाकमान भीतरी झगड़े से बचने के लिए राज्यसभा के नाम बहुत सावधानी से चुनने की रणीनीति बना रही है। सूत्रों के अनुसार आप की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी, पार्टी के ही लोगों को राज्यभा में भेजेगी क्योंकि बाहरी लोगों ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया है। दिल्ली की तीनों सीट पर 5 जनवरी को नामांकन की आखिरी तारीख है, ऐसे में आप के पास बमुश्किल 10 दिन का वक्त बचा है।

रघुराम राजन पार्टी का प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं
रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पार्टी का प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं। आम आदमी पार्टी के प्रस्ताव पर जब मीडिया ने उनका पक्ष मांगा गया था , तो उनकी तरफ से बयान जारी करके कहा गया कि, 'प्रोफेसर राजन बहुत सारे शिक्षण कार्यों से जुड़े हुए हैं। उनका शिकागो यूनिवर्सिटी में पूर्णकालिक पढ़ाने की नौकरी छोड़ने का कोई प्लान नहीं है।' इससे पहले आम आदमी पार्टी की तरफ से उनसे संपर्क करके उन्हें राज्यसभा की सदस्यता की पेशकश की गई थी।

भीतर की गुटबाजी पर रोक लगाने के लिए
दरअसल आम आदमी पार्टी के आला नेताओं को लगता है कि विशेषज्ञों को राज्यसभा भेज देने से पार्टी के भीतर की गुटबाजी पर रोक लगेगी। पार्टी के बड़े नेता कुमार विश्वास खुलकर अपने लिए राज्यसभा सीट मांग चुके हैं। अगर पार्टी बाहर के लोगों को मनोनीत करने का फैसला लेती है, तो उनके लिए भी खुद के लिए दबाव बनाना मुश्किल हो जाएगा।

3 सीटों का है मामला
दिल्ली से राज्यसभा की तीन सीटों पर कांग्रेस के जनार्दन द्विवेदी, डा. कर्ण सिंह और परवेज हाशमी सांसद हैं। इनका कार्यकाल अगले साल जनवरी में खत्म हो रहा है। इन सीटों पर आप के तीनों उम्मीदवारों की जीत तय है।

क्या मुझे दुल्हन बनने का हक नहीं!
बता दें इसी राज्यसभी सीट के लिए केजरीवाल और कुमार विश्वासके बीच विवाद हो गया था। साल 2015 में दिल्ली में मिली शानदार जीत की बदौलत आम आदमी पार्टी दिल्ली की तीनों राज्यसभा सीटें निश्चित रूप से जीत सकती है। सीटें जनवरी में खाली होंगी और कुमार विश्वास का कहना है कि तीनों में से एक सीट के हकदार वह हैं।बीते दिनों एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा भी था कि वो हमेशा ब्राइड्समेड (दुल्हन की सहेली) ही बने रहे हैं लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं कि उन्हें दुल्हन बनने का हक नहीं।












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