Rajya Sabha Bypolls: राज्यसभा सीट पर मुकाबला रोचक, टीडीपी बीजेपी के साथ , ईरानी-अन्नामलाई रेस में आगे
Rajya Sabha Bypolls: भाजपा तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई या पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी में से किसी एक को राज्यसभा उपचुनाव में एनडीए उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतार सकती है। यह सीट वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता विजयसाई रेड्डी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। रेड्डी ने जनवरी में सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल जून 2028 तक था। खाली हुए इस सीट के लिए उपचुनाव 9 मई को होगा।
इसी बीच, विजयसाई रेड्डी हाल ही में शराब घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश हुए। यह SIT नवंबर 2024 में गठित की गई थी और उसने अब तक लगभग 4,000 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले का पर्दाफाश किया है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं
राज्यसभा उपचुनाव को लेकर एनडीए में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक एनडीए की सहयोगी पार्टी तेलगु देशम पार्टी (TDP), भाजपा के उम्मीदवार को समर्थन दे सकती है। इसको लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, नायडू की इस दौरान कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी बातचीत हो सकती है। मुलाकात को लेकर कई विषयों पर चर्चा हो सकती है। जिसमें अमरावती के विकास, राज्य में चल रही परियोजनाओं की प्रगति और केंद्र-राज्य सहयोग के मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
के अन्नामलाई तमिलनाडु भाजपा का चेहरा रहे हैं। उनकी लोकप्रियता नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई थी, लेकिन द्रविड़ राजनीति के दिग्गज अन्नादुरई और जे जयललिता पर उनकी आलोचनात्मक टिप्पणियों के कारण दो साल पहले एनडीए से अलग होने वाली AIDMK ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले फिर से भाजपा से हाथ मिलाने के लिए उन्हें हटाने की शर्त रखी है।
अन्नामलाई को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है
इसलिए, आलाकमान ने उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को लाने का फैसला किया है जबकि अन्नामलाई को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। अन्नामलाई को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने पर जब गृहमंत्री अमित शाह से पूछा गया कि क्या उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी, तो उन्होंने कहा कि "कुछ निर्णय पार्टी पर छोड़ दें.. हम संभाल लेंगे। कृपया मेरी पार्टी के बारे में ज्यादा चिंता न करें; हम अच्छा करेंगे।
स्मृति ईरानी की सियासी पकड़ अब भी मजबूत
स्मृति ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, हालांकि, 2024 के आम चुनाव में उन्हें उसी सीट से कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा के हाथों लगभग 1.6 लाख वोटों से पराजय का सामना करना पड़ा।
इस हार के बावजूद भाजपा में स्मृति ईरानी की सियासी पकड़ और जनाधार पर कोई असर नहीं पड़ा है। पार्टी उन्हें अब भी एक तेजतर्रार, दमदार और जनमानस को प्रभावित करने वाली नेता मानती है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व राज्यसभा के माध्यम से उन्हें एक बार फिर संसद में लाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications