अशोक गहलोत के भाई का फर्टिलाइजर घोटाले में आया नाम, राहुल की 'किसान पॉलिटिक्स' को झटका
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात चुनाव की बाजी किसानों का मसीहा बनकर मारना चाहते हैं। उनके इस सपने पर राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस के गुजरात चुनाव प्रभारी अशोक गहलोत ग्रहण लगा सकते हैं।

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात चुनाव की बाजी किसानों का मसीहा बनकर मारना चाहते हैं। उनके इस सपने पर राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस के गुजरात चुनाव प्रभारी अशोक गहलोत ग्रहण लगा सकते हैं। दरअसल अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खुलासे के मुताबिक अग्रसेन गहलोत का नाम फर्टिलाइजर घोटाले में सामने आया है। आरोप है कि अग्रेसन गहलोत ने 2007 से 2009 के बीच किसानों का पैसा मारकर प्राइवेट कंपनियों को फायदा कराया। ये पूरा खेल तब हुआ जब केंद्र में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत थे। अग्रसेन गहलोत ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर किसानों को दिए जाने वाले उर्वरक में घपला किया और पैसे बनाए।
न्यूज वेबसाइट OPINDIA की खबर के मुताबिक अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत 2007 से 2009 के बीच फर्टिलाइजर घोटाले में शामिल थे। जो उर्वरक किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए रियायती दरों पर दिया जाता था।उसमें प्राइवेट कंपनियों को शामिल कर घोटाला किया गया। आरोपों के मुताबिक अग्रसेन गहलोत ने भारत सरकार की कंपनी इंडियन पोटाश लिमिटेड से एमओपी खरीदकर किसानों को बेचने के बजाए उन लोगों को बेच दिया जिन्होंने एमओपी का निर्यात किया और पेसै बनाए। अग्रसेन गहलोत सारे भुगतान नकद में किए थे। जो कि गलत था। इस पूरे सिंडिकेट में बिचौलिए के रूप में काम करने वाले अग्रसेन गहलोत सब्सिडी वाले आयातित एमओपी के संरक्षक थे और उन्हें पता था कि यह किसानों के अलावा किसी को भी नहीं बेचा जा सकता है। अगर ऐसा किया जाता है तो ये अपराध की श्रेणी में आएगा। अग्रसेन गहलोत ने अपनी फर्म के बिक्री दस्तावेजों में हेरफेर करने के लिए यह दिखाया कि एमओपी किसानों को बेचा जा रहा है, जबकि वास्तविकता ये नहीं थी। एमओपी का निर्यात किया जा रहा था।

अग्रसेन गहलोत ने इन आरोपों को एक सिरे से खारिज कर दिया है उन्होंने दावा किया है कि बिचौलिया किसानों के नाम पर उनसे एमओपी खरीदते थे और उन्हें नहीं पता था कि एमओपी को बाद में निर्यात किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि एमओपी सीधे बिचौलिया को नहीं बेचा गया।

अशोक गहलोत पहले भी अपने बेटे-बेटी को नौकरी देने वाली निजी कंपनियों को सरकारी ठेके दिलवाने के चलते विवादों में आ चुके हैं। उनके ऊपर जोधपुर में 16 रिश्तेदारों को सरकार ने खदानें बांट ने के लिए सरकारी नीति बदलने तक का आरोप लग चुका है। अब अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत का नाम फर्टिलाइजर घोटाल में आने से अशोक गहलोत की मुश्किले बढ़ सकती हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस की किसान पॉलिटिक्स पर भी इसका असर पड़ेगा।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात चुनाव से पहले किसानों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी समस्याओं से रूबरू भी हो रहे हैं। नवसृजन यात्रा के दौरान राहुल ने दक्षिण गुजरात के भरूच, तापी, वलसाड, नवसारी और सूरत में किसानों के साथ चर्चा की थी। अशोक गहलोत के भाई से जुड़े इस खुलासे से कांग्रेस की किसान पॉलिटिक्स को पलीता लग सकता है।












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