विकलांगों के लिये रेल रिजर्वेशन के नियम बदले
नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के लिये रेल आरक्षण के नियमों में परिवर्तन किया है। यह नये प्रावधान 22 दिसम्बर, 2015 से प्रभावी होंगे। मौजूदा निर्देशों के अनुसार स्लीपर क्लास में विकलांगों के लिए आरक्षित दो बर्थ (एक नीचे की और एक बीच की) रियायती टिकट पर यात्रा करने वाले शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए होती है।
इस आरक्षण के तहत दो प्रकार के विकलांग व्यक्ति बर्थ बुक कर सकते हैं: पहले, वे जिन्हें सहायक के साथ यात्रा करना आवश्यक होता है और दूसरे, जिनके लिए सहायक वैकल्पिक होते हैं। हाल ही में इस कार्यालय के संज्ञान में कुछ घटनाएं लाई गईं जहां वैकल्पिक रूप से सहायक ले जाने के लिए कुछ रेलवे ने विकलांग व्यक्ति को इस आरक्षण पर एक टिकट बुक करने की अनुमति नहीं दी इसलिए दूसरी बर्थ खाली रही क्योंकि बीच की बर्थ शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों को नहीं दी जा सकती है।
इस मामले की रेल मंत्रालय ने जांच की और विकलांग आरक्षण का अधिकतम आवंटन और उपयोग सुनिश्चित करने के लिए इसे तर्कसंगत बनाया गया है। संशोधित निर्णय निम्नलिखित हैं:
1. एक ही केबिन में प्रत्येक दो बर्थ (एक नीचे की और एक बीच की) के विकलांग आरक्षण के दो प्रकार होंगे; एक ऐसे शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए जो रियायत सहायक के साथ ही इस आरक्षण का उपयोग कर सकते हैं और दूसरे ऐसे विकलांग व्यक्तियों के लिए है जो वैकल्पिक रूप से अपने साथ सहायक ले जा सकते हैं।
2. पहली श्रेणी के अनुसार सहायक के साथ जाना आवश्यक है। ऐसी श्रेणी के विकलांग व्यक्तियों के लिए यह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रियायती टिकट बुक करने पर यह बर्थ बुक हो सकती है।
3. दूसरी श्रेणी के लिए जहां सहायक का साथ जाना वैकल्पिक है अगर विकलांग व्यक्ति सहायक के साथ बर्थ बुक करना चाहता है तो दोनों बर्थ बुक की जायेंगी। हालांकि अगर विकलांग व्यक्ति सहायक के बिना बर्थ बुक करता है तो दूसरी बर्थ विकलांग आरक्षण के तहत बुक नहीं की जायेगी और आरक्षण चार्ट तैयार करते समय उसे आरएसी/प्रतीक्षारत सूची के यात्रियों के लिए रखी जायेगी।
4. आरक्षण चार्ट तैयार करते समय विकलांग आरक्षण के तहत बुक नहीं की गई नीचे की बर्थ (दोनों श्रेणियों के आरक्षण समाप्त हो जाने के कारण आम प्रतीक्षा सूची में रखे गये) का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर अकेले वरिष्ठ नागरिक और उसके बाद प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को दी जायेगी। इस विकलांग आरक्षण की दूसरी श्रेणी में अगर एक बर्थ यानी बीच की बर्थ खाली रहती है तो इसे आरएसी/प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को दिया जायेगा।
5. यह भी फैसला किया गया कि रियायती दर पर जब भी शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति टिकट बुक करता है और विकलांग आरक्षण में बर्थ उपलब्ध नहीं है तो बुकिंग के समय ही प्रणाली स्वत: ही उसे नीचे की बर्थ देने और बीच की बर्थ उसके सहायक को देने की कोशिश करेगी।













Click it and Unblock the Notifications