Congress Target BJP: 'देश के किसानों का घोर अपमान', कंगना की टिप्पणी पर राहुल-खड़गे ने BJP को घेरा
Rahul Gandhi Target Kangana Farmers Statement: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मंडी सांसद कंगना रनौत की किसान आंदोलन पर की गई टिप्पणी पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ये शर्मनाक किसान विरोधी बोल पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के किसानों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दरअसल, रनौत ने सुझाव दिया था कि भारत में "बांग्लादेश जैसी स्थिति" पैदा हो सकती थी, लेकिन देश के मजबूत नेतृत्व के लिए ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि अब निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान शव लटक रहे थे और बलात्कार हो रहे थे। उन्होंने "साजिश" में चीन और अमेरिका की संलिप्तता का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने घेरा...

वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि किसानों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही मोदी सरकार का प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में लगा हुआ है। आगे कहा कि 378 दिन चले मैराथन संघर्ष के दौरान 700 साथियों का बलिदान देने वाले किसानों को भाजपा सांसद द्वारा बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत है।
कंगना की टिप्पणी पर निशाना साधने हुए कहा कि, ये शर्मनाक किसान विरोधी बोल पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के किसानों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। किसान आंदोलन वापस लेते समय बनी सरकारी समिति आज भी ठंडे बस्ते में है, MSP पर सरकार अपना रूख आज तक साफ नहीं कर सकी, शहीद किसानों के परिवारों को किसी तरह की राहत नहीं दी गयी और ऊपर से लगातार उनका चरित्र हनन जारी है।
'किसानों को MSP की कानूनी गारंटी दिलवाकर रहेंगे'
उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं का निरादर और उनके मान सम्मान पर हमला करने से किसानों से किया गया मोदी सरकार का धोखा छुप नहीं सकता। राहुल ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी और भाजपा कितनी भी साजिश कर लें - INDIA किसानों को MSP की कानूनी गारंटी दिलवा कर रहेगा।
खड़गे ने भी बीजेपी को घेरा
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधा। कहा कि खुद प्रधानमंत्री मोदी जी ने भरी संसद में किसानों को 'आंदोलनजीवी' और 'परजीवी' की अपमानजनक संज्ञा दी थी... यहां तक की संसद में शहीद किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखने से भी इंकार कर दिया। मोदी जी ने MSP पर कमेटी और किसान की आय दोगुनी करने का झूठा वादा भी किया था।
आगे कहा कि जब मोदी जी ये सब खुद कर सकते हैं तो उनके समर्थकों से शहीद किसानों के अपमान के सिवा देश और क्या उम्मीद रख सकता है। ये शर्मनाक और घोर निंदनीय किसान-विरोधी विचारधारा मोदी सरकार का DNA है।












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