BJP और कांग्रेस में सबसे बड़ा क्या अंतर है? राहुल गांधी ने IIA के छात्राओं को समझाया, देखें Video
Rahul Gandhi News: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शनिवार (04 जनवरी) को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास पहुंचे और के छात्राओं के साथ बातचीत की। इस दौरान राहुल गांधी ने एक छात्र ने पूछा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस में क्या बड़ा अंतर है?
इसपर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा, ''कांग्रेस हमेशा निष्पक्षता से काम करती है। वहीं भाजपा आक्रामक दृष्टिकोण से काम करती है। कांग्रेस संसाधनों के समान वितरण और समावेशी ग्रोथ विश्वास कर ती है। वहीं भाजपा आक्रामक रूप से ग्रोथ पर फोकस करती है।''

राहुल गांधी ने बताया भाजपा और कांग्रेस किस तरह काम करती है?
कांग्रेस और भाजपा किस तरह से काम करती हैं? राहुल गांधी ने छात्रों के इस सवाल पर कहा, ''कांग्रेस और यूपीए आमतौर पर मानते हैं कि संसाधनों को अधिक निष्पक्ष रूप से वितरित किया जाना चाहिए और विकास व्यापक और समावेशी होना चाहिए।''
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा विकास के मामले में अधिक आक्रामक है। राहुल गांधी बोले, "भाजपा आर्थिक दृष्टि से 'ट्रिपल-डाउन' में विश्वास करते हैं। सामाजिक मोर्चे पर, हमें लगता है कि समाज जितना अधिक सामंजस्यपूर्ण होगा, लोग जितने कम लड़ेंगे, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा।''
राहुल गांधी ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर, हम जिस तरह से अन्य देशों से संबंध रखते हैं, उसके संबंध में शायद कुछ मतभेद हैं, लेकिन यह समान होगा।''
हायर एजुकेशन पर क्या बोले राहुल गांधी?
हायर एजुकेशन को बढ़ावा देने के तरीके के बारे में राहुल गांधी ने कहा कि एक देश को अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमारे लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देने का सबसे अच्छा तरीका सब कुछ का निजीकरण करना है। सच कहूं तो, जब आप खेल में किसी तरह का वित्तीय प्रोत्साहन लाते हैं, तो आप वास्तव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं देते हैं।''
राहुल गांधी ने कहा, "मैंने यह कई बार कहा है कि हमारे देश में सबसे अच्छे संस्थान सरकारी संस्थान हैं, आपका संस्थान उनमें से एक है। मैं सरकारों द्वारा शिक्षा पर अधिक धन खर्च करने का तर्क देता हूँ।''
राहुल गांधी बोले, ''"हमारी बातचीत छात्रों को पारंपरिक करियर से परे रास्ते तलाशने के लिए सशक्त बनाने, उन्हें नवाचार अपनाने और अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित थी। अनुसंधान को बढ़ावा देने, रचनात्मकता को बढ़ावा देने और उत्पादन को आगे बढ़ाने से हम भारत को एक सच्चे वैश्विक नेता के रूप में स्थापित कर सकते हैं।''












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