नेहरू पर दिए गए बयान से भड़के राहुल गांधी, कहा- अमित शाह को इतिहास की जानकारी नहीं है
संसद की शीतकालीन सत्र में गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में जम्मू कश्मीर पर लाए गए बिलों पर चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर की समस्या के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जिम्मेवार ठहराया था।
अब इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जबरदस्त हमला बोला है। राहुल ने कहा कि, अमित शाह को इतिहास की जानकारी नहीं है, वो सिर्फ मुद्दों को भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

मंगलवार को शीतकालीन सत्र के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भारत के लिए अपनी जिंदगी दे दी, सालों जेल में रहे। गृह मंत्री अमित शाह को शायद इतिहास मालूम नहीं हैं।
शाह ने आगे कहा कि, ये बात केवल भ्रमित करने के लिए की गई है। मूल मुद्दा जातीय जनगणना, भागीदारी और देश का धन किसके हाथों में जा रहा है, ये है। इस मुद्दे पर ये लोग चर्चा नहीं करना चाहते हैं, इससे डरते हैं, भागते हैं। हम इस मुद्दे को आगे लेकर जाएंगे और गरीब लोगों को उनका हक हम दिलाएंगे।जाति जनगणना और देश का धन किन हाथों में जा रहा है. ये इश्यू है और ये इससे भागते हैं।
राहुल गांधी से जब मध्य प्रदेश के ओबीसी सीएम को लेकर सवाल किया गया तो, उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ओबीसी हैं, लेकिन प्रशासन में ओबीसी कितने हैं, वो सवाल है। ओबीसी की कितनी भागेदारी है, वो बताइए। सरकार को 90 अफसर चलाते हैं। जिनमें से 3 ओबीसी हैं और उनका कोने में ऑफिस है। सरकार का जो सिस्टम है उसमें ओबीसी, दलित और आदिवासियों की कितनी भागीदारी है। ये मुख्य इश्यू है...बात भागीदीरी की है।
बता दें कि, जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2023 पर चर्चा के दौरान लोकसभा में अमित शाह ने कहा था कि, हमारी सेना जीत रही थी और दुश्मन देश की सेना पीछे हट रही थी। उस वक्त अगर नेहरू जी दो दिन और रुक जाते और सीजफायर नहीं करते तो पूरा कश्मीर आज हमारा होता। देश में 550 रियासतों का विलय हुआ कहीं भी धारा 370 नहीं लगी। जम्मू-कश्मीर जवाहर लाल नेहरू देख रहे थे तो वहीं क्यों लगी? तीन परिवारों ने अपने फायदे के लिए जम्मू-कश्मीर के एसटी समुदाय को उनके अधिकारों से वंचित रखा।












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