राज्यसभा के उपसभापति की सफाई पर राहुल का पलटवार- 'संसद के अंदर और बाहर कुचली गई किसानों की आवाज'
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार कृषि से संबंधित तीन विधेयक लेकर आई थी। विपक्ष के वाकआउट की वजह से ये बिल लोकसभा में आसानी से पास हो गया लेकिन राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। उस दौरान उपसभापति ने इसे ध्वनिमत से पारित करवा दिया। जिसको लेकर उन्होंने अब सफाई दी है। सभापति की सफाई पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है।
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दरअसल राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि जब कृषि संबंधित बिल राज्यसभा में पेश किए गए तो मत विभाजन की मांग विपक्षी दलों के सांसदों ने अपनी सीट से नहीं उठाई थी। वो लगातार वेल में आकर हंगामा कर रहे थे। उपसभापति के मुताबिक अगर उन्होंने नियम के मुताबिक मांग सीट से उठाई होती, तो वो वोटिंग करवा देते। वहीं अंग्रेजी अखबार The Indian Express का दावा है कि जब सदन 15 मिनट के लिए स्थगित किया गया था तो DMK के तिरुची सिवा और CPM के केके रगेश मत विभाजन की मांग के दौरान अपनी सीट पर ही थे।
अब इसी खबर को शेयर करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार और उपसभापति पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि कृषि कानून हमारे किसानों के लिए मौत की सजा है। उनकी आवाज को संसद के अंदर और बाहर कुचल दिया जाता है। ये सब चीजें इस बात का प्रमाण हैं कि भारत में लोकतंत्र मर चुका है। वहीं दूसरी ओर इस नए एक्ट के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। उम्मीद जताई जा रही कि राहुल गांधी इस हफ्ते पंजाब में किसानों की रैली में शामिल होंगे।












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