Mandsaur Farmers Rally: 6 जून 2017 को मंदसौर में दरअसल हुआ क्या था?

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मंदसौर गोलीकांड की बरसी के दिन आज कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी किसानों की जनसभा को संबोधित करेंगे। ये जनसभा मंदसौर के पिपलिया मंडी में होगी, कांग्रेस ने इसका नाम 'किसान समृद्धि संकल्प रैली' रखा है। हालांकि इस रैली के जरिए लंबे वक्त से एमपी की सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस किसानों की सहानभूति और समर्थन हासिल करने के चक्कर में हैं, अब ये समर्थन उसे हासिल होता है या नहीं, ये तो चुनावों के बाद पता चलेगा लेकिन इससे पहले विस्तार से जानते हैं मंदसौर की उस घटना के बारे में जिसने एमपी से लेकर दिल्ली तक को हिलाकर रख दिया था.......

6 किसानों की मौत

6 किसानों की मौत

आपको बता दें कि पिछले साल मध्य प्रदेश के मंदसौर में उपज के उचित दाम और कर्ज माफी को लेकर किसान कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे, आंदोलन को उग्र होता देख प्रशासन ने मंदसौर, रतलाम और उज्जैन में इंटरनेट सेवाएं भी सस्पेंड कर दी थीं, इसके बाद आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई थी और कई किसान बुरी तरह से घायल हो गए थे।

हिंसक हुआ था आंदोलन

हिंसक हुआ था आंदोलन

जिसके बाद इस मुद्दे पर जमकर हंगामा बरपा गया था, गुस्साए किसानों ने कई जगह गाड़ियों को फूंक दिया था, हालात को बेकाबू होते देख मंदसौर में कई दिनों तक कर्फ्यू लगा था। कांग्रेस ने इसके लिए जमकर शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार को कोसा था।

निर्दोष किसान हुए थे पुलिस की गोली के शिकार

निर्दोष किसान हुए थे पुलिस की गोली के शिकार

आपको बता दें कि जिन किसानों की प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मौत हुई है, उसमें किसी के भी पास अपनी जमीन नहीं थी, यहां तक कि इनमें से एक किसान की उम्र महज 19 वर्ष की थी और वह ग्यारहवी का छात्र था, जबकि पुलिस की गोली से मरने वाले एक किसान की उम्र 23 वर्ष थी और उसकी दो महीने पहले ही शादी हुई थी, वह भारतीय सेना में जाना चाहता था। जिस तीसरे युवक की इस दौरान मौत हुई है वह दिहाड़ी मजदूर था। जबकि दो अन्य किसानों में एक किसान की उम्र 22 वर्ष थी और दूसरे की 44 वर्ष उम्र थी, ये दोनों जिस खेत में काम करते थे वह इनका खेत नहीं था।

आंदोलन पर जमकर हुई सियासत

आंदोलन पर जमकर हुई सियासत

हिंसक आंदोलन होता देख मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि वो हर हाल में शांति चाहते है और उनकी सरकार किसानों का भला, जब तक आंदोलन शांत नहीं होता है तब तक वो अनशन पर रहेंगे, हालांकि वो अनशन पर बैठे थे लेकिन मृतक किसानों के परिजनों के मिलने के बाद शिवराज सिंह ने अपना अनशन तोड़ा था। जिसके बाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जेके जैन के नेतृत्व में एक सदस्यीय कमेटी गठित हुई थी, जिस पर इस घटना की जांच करने की जिम्मेदारी थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+