'खत्म, टाटा, बाय-बाय' मीम पर छात्रा ने राहुल गांधी से पूछा सवाल, मिला चौंकाने वाला जवाब
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का खुद पर बना सबसे मशहूर इंटरनेट मीम एक बार फिर सुर्खियों में है। कांग्रेस सांसद ने इस बार अपने मीम 'खत्म, टाटा, बाय-बाय' पर खुलकर बात की। एक कॉलेज के कार्यक्रम के दौरान जब एक छात्रा ने उनकी ट्रोलिंग और वायरल मीम्स को लेकर सवाल पूछा, तो राहुल गांधी के जवाब ने न सिर्फ छात्रा को बल्कि वहां मौजूद हर किसी को चौंका दिया।
तमिलनाडु के सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में छात्रों से बातचीत के दौरान माहौल उस वक्त बेहद दिलचस्प हो गया, जब एक छात्रा ने राहुल गांधी से सोशल मीडिया ट्रोलिंग और उनके वायरल मीम्स पर सवाल किया। छात्रा ने विशेष रूप से उनके सबसे चर्चित मीम 'खत्म, टाटा, बाय-बाय' का जिक्र किया।

इस पर राहुल गांधी ने बेहद सहजता और व्यंग्यात्मक लहजे में मुस्कुराते हुए कहा, 'कभी-कभी कुछ चीजें बोलनी पड़ती हैं, जैसे कि... खत्म, टाटा, बाय-बाय।' राहुल ने जैसे ही अपने सिग्नेचर स्टाइल में यह लाइन दोहराई, पूरा हॉल ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। राहुल का यह बिंदास अंदाज सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।
राहुल गांधी के लिए 'कूल' है यह मीम
राहुल गांधी ने इस मीम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'काफी कूल' और 'युवा अभिव्यक्ति' (Youthful Expression) करार दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे यह मीम काफी पसंद आया। यह बहुत ही युवा अंदाज था। मैं समझ गया था कि मैंने जो कहा, उसे उठाकर मीम का हिस्सा बना दिया गया है। मैंने इसे सहजता से स्वीकार किया।' राहुल ने आगे कहा कि राजनीति में संदेशों का मीम बनना अब खेल का हिस्सा है और वह इसे सकारात्मक रूप से देखते हैं।
राहुल गांधी ने बताई मीम के पीछे की कहानी
इस मीम के पीछे की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है जितना कि यह खुद। राहुल ने स्पष्ट किया कि यह वाक्या फरवरी 2021 में तमिलनाडु के मछुआरों के साथ एक बातचीत के दौरान हुआ था। राहुल गांधी वहां नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव पर बोल रहे थे। राहुल ने बताया कि- 'मेरे मन में विचार अंग्रेजी में चल रहे थे और मुझे लगा कि अनुवाद हो रहा है। तभी मुझे अहसास हुआ कि अनुवाद रुक गया है और लोग मेरी बात नहीं समझ पा रहे हैं। उस स्थिति को संभालने के लिए मैंने अचानक कह दिया- 'खत्म, टाटा, बाय-बाय'।
राहुल गांधी ने छात्रों को दी ये सीख
मीम्स और हंसी-मजाक के बीच राहुल गांधी ने छात्रों और भावी राजनेताओं को एक गंभीर संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना के युग में केवल जानकारी होना काफी नहीं है, बल्कि उस जानकारी को ज्ञान और 'विवेक' में बदलना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'मेरे 20 साल के राजनीतिक करियर का निष्कर्ष यह है कि एक छात्र, शिक्षक या राजनेता के लिए सबसे बड़ा गुण 'विनम्रता' है।'












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