सिर में चोट लगने के बावजूद शशि थरूर के चुनाव प्रचार में जुटने से खुश राहुल गांधी ने कही ये बात

तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर मंगलवार को चोट लगने के बावजूद सिर में पट्टी बांधे बाधकर चुनाव प्रचार करने पहुंचे। शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से चुनाव लड़ रहे हैं और एक बार फिर इस सीट से जीतने के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शशि थरूर के सिर में चोट लगने के बावजूद उनके प्रचार में लौटने पर खुशी जाहिर करते हुए उनकी तारीफ की।

शशि थरूर के प्रचार में लौटने पर राहुल बोले

शशि थरूर के प्रचार में लौटने पर राहुल बोले

राहुल गांधी ने मंगलवार को तिरुवनंतपुरम में चुनाव रैली को संबोधित करते हुए कहा कि शशि थरूर के जख्म के बारे में जानकारी मिलने पर मुझे चिंता हुई। लेकिन यह देखकर खुश हूं कि वह फिर से प्रचार करने वापस आ गए हैं। यह उनके साहस को दिखाता है। कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मैं आपसे कहता हूं कि संसद में उन्होंने आपका बढ़िया तरीके से प्रतिनिधित्व किया है। वो संसद में आपके लिए बोलते हैं। वो केरल की धरोहर हैं। चोट लगने के बाद थरूर को सोमवार को ऑबर्जवेशन के लिए तिरुवनंतपुरम के मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में भर्ती किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

'निर्मला सीतारमण ने की थी मुलाकात'

'निर्मला सीतारमण ने की थी मुलाकात'

देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण केरल में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) का प्रचार करने के लिए आई थी। वो शशि थरूर से मिलने के लिए हॉस्पिटल पहुंची। शशि थरूर ट्विटर पर रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारतीय राजनीति में इस तरह की शिष्टता एक बहुत ही दुर्लभ गुण है और उन्होंने इसका एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने बाद में इस मुलाका के बारे में कहा कि मुझे जानकारी मिली की शशि थरूर पूजा करने के दौरान घायल हो गए हैं। इसलिए मैंने सोचा कि मुझे जाना चाहिए और उन्हें स्वस्थ होने की कामना करनी चाहिए। इस बारे में मैंने किसी को कोई सूचना नहीं दी।

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'तुलाभरम' के दौरान घायल हुए थे खरूर

'तुलाभरम' के दौरान घायल हुए थे खरूर

कांग्रसे नेता शशि थरूर सोमवार को 'तुलाभरम' रस्म के दौरान घायल हो गए थे। इस रस्म में व्यक्ति फूल, अनाज, फल और ऐसी ही वस्तुओं के साथ तराजू में खुद को तौलता है और उसके भार के बराबर वस्तुएं दान दी जाती हैं। इस रस्म के दौरान जब वो तराजू के एक पलड़े में बैठे थे, तो उसका हुक बंद हो गया और लोहे का पैनल उनके सिर पर गिर गया था।

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