कर्नाटक कांग्रेस में डीके शिवकुमार Vs सिद्धारमैया ! राहुल गांधी बोले- सिद्धारमैया को पसंद करता हूं, क्योंकि...
कर्नाटक कांग्रेस में कथित दरार की खबरों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोर्चा संभाल लिया है। इसे कर्नाटक में सीधा हस्तक्षेप भी माना जा रहा है। राहुल बुधवार को चित्रदुर्ग में श्री मुरुगा मठ पहुंचे।
बेंगलुरु, 03 अगस्त : कर्नाटक कांग्रेस में कथित दरार की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच राहुल गांधी कर्नाटक पहुंचे हैं। खबरों में कहा जा रहा है कि पूर्व सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खटपट के कारण कांग्रेस पार्टी में बिखराव की आशंका है। इसी बीच बुधवार को सिद्धारमैया के 75वें बर्थडे के मौके पर राहुल गांधी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य सभा सांसद केसी वेणुगोपाल कर्नाटक दौरे पर पहुंचे।

दावणगेरे में बर्थडे सेलिब्रेशन वाले कार्यक्रम में राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा,"मैं आमतौर पर जन्मदिन समारोह में शामिल नहीं होता हूं। मैं यहां इसलिए आया हूं क्योंकि सिद्धारमैया के साथ मेरा खास जुड़ाव है। मैं उन्हें न केवल एक व्यक्ति के रूप में पसंद करता हूं, बल्कि हमारे विचार भी एक जैसे हैं। उनकी तरह मैं भी गरीबों और कमजोरों के प्रति करुणा का भाव रखता हूं।
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दावणगेरे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "जिस तरह सिद्धारमैया ने कर्नाटक की सरकार चलाई, मैं इस बात की भी सराहना करता हूं। उन्होंने कर्नाटक के लोगों को दिशा दी। उनके पास कर्नाटक के लिए एक विजन था। यह सभी के लिए निष्पक्षता के विचार पर आधारित था।" कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आज भाजपा सरकार में हालात, सिद्धारमैया के कार्यकाल से बिल्कुल अलग है।
17 फीसदी वोट का सवाल ?
राहुल गांधी का चित्रदुर्ग के मुरुगा मठ में संतों से मुलाकात करना इसलिए भी अहम है क्योंकि, ये राज्य का प्रमुख लिंगायत मठ है। लिंगायत समुदाय कम से कम 17 प्रतिशत वोट प्रभावित करता है। पारंपरिक रूप से भाजपा के साथ रहे लिंगायत के वोट 2023 के चुनाव में भाजपा के लिए भी काफी महत्वपूर्ण हैं।
सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार आमने-सामने !
कर्नाटक कांग्रेस की कथित दरार के संबंध में एनडीटीवी डॉटकॉम की रिपोर्ट में कहा गया, विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसी आशंका है कि अगर मुख्यमंत्री पद को लेकर दो नेताओं - विधायक दल के नेता सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के बीच प्रतिद्वंद्विता का समाधान नहीं हुआ, तो राज्य में होने वाले चुनावों से पहले पार्टी में दरार पड़ सकती है।
कांग्रेस नेताओं को राहुल गांधी की नसीहत
राहुल ने कांग्रेस नेताओं से आगामी इलेक्शन में भाजपा को बाहर सत्ता से बाहर करने के मकसद से एकजुट होकर लड़ने की अपील की। कथित मतभेद को खत्म करने और संयुक्त मोर्चा बनाने का आह्वान करते हुए राहुल ने कहा, पार्टी नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर पार्टी के आंतरिक मामलों और नेतृत्व के मुद्दों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए।
कर्नाटक की राजनीति और मठ
गौरतलब है कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष होने हैं। कुमारस्वामी की जनता दल सेकुलर (जेडीएस) के साथ गठबंधन की सरकार में शामिल रही कांग्रेस पार्टी की सरकार गिरने के बाद येदियुरप्पा सीएम बने थे। कुमारस्वामी सरकार का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी, जिसके बाद दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर जमकर जुबानी हमले किए। इसी बीच होने सिद्धारमैया के नेतृत्व में सरकार चला चुकी कांग्रेस पार्टी कोई कसर बाकी रखना नहीं चाहती। कांग्रेस पार्टी में कथित दरार की खबरों के बीच राहुल का दौरा अहम माना जा रहा है। सियासी पंडितों की राय में कर्नाटक की सत्ता में आने के लिए लिंगायत, वोक्कालिगा और अन्य जातिगत समीकरण अहम हैं। ऐसे में राहुल का श्रीमुरुगा मठ चित्रदुर्ग का दौरा भी अहम माना जा रहा है।
ಸಾಮಾಜಿಕ, ಆಧ್ಯಾತ್ಮಿಕ ಹಾಗೂ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸೇವೆಯನ್ನು ನಿರಂತರವಾಗಿ ನಡೆಸಿಕೊಂಡು ಬಂದಿರುವ ಶ್ರೀ ಜಗದ್ಗುರು ಮುರುಘರಾಜೇಂದ್ರ ಬೃಹನ್ಮಠಕ್ಕೆ ಇಂದು ಶ್ರೀ @RahulGandhi ಅವರು ಭೇಟಿ ನೀಡಿ ಶ್ರೀ ಶಿವಮೂರ್ತಿ ಮುರುಘಾ ಶರಣರ ಆಶೀರ್ವಾದ ಪಡೆದರು. pic.twitter.com/MekRviHNpl
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) August 3, 2022
सिद्धारमैया का शक्ति प्रदर्शन !
कांग्रेस पार्टी ने तस्वीरें शेयर कर बताया है कि राहुल गांधी बुधवार को चित्रदुर्ग के श्री मुरुगा मठ पहुंचे। उन्होंने संतों के बीच कुछ समय गुजारा, उनसे संवाद भी किया। मठ में राहुल गांधी की ओर से संतों को सम्मानित भी किया गया। संतों की तरफ से भी कांग्रेस नेताओं को माला पहना कर और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
#WATCH | Karnataka: Congress leader Rahul Gandhi visits Sri Murugha Math in Chitradurga along with party leaders DK Shivakumar & KC Venugopal pic.twitter.com/nxmwiHeRfI
— ANI (@ANI) August 3, 2022
6 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम !
सिद्धारमैया के जन्मदिन पर समारोह के कारण ट्रैफिक की परेशानी होने की बात कही जा रही है। पुणे से बेंगलुरु जाने वाले हाईवे पर वाहनों की कतारों की वीडियो सामने आई है। कहा जा रहा है कि सिद्धारमैया के जन्मदिन पर इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं कि ट्रैफिक जाम 6 किलोमीटर लंबा हो गया है। गाड़ियां धीरे-धीरे सरकते देखी गईं।
#WATCH | Karnataka: Traffic snarls as long as 6km on Pune-Bengaluru highway in Davanagere dist as thousands gather for the birthday celebration of Former Karnataka CM & Congress leader Siddaramaiah pic.twitter.com/CiSqcE6ink
— ANI (@ANI) August 3, 2022
सिद्धारमैयया का AHINDA फॉर्मूला
राहुल गांधी के कर्नाटक दौरे के संबंध में एनडीटीवी की रिपोर्ट में कहा गया, राहुल पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता सिद्धारमैया के 75वें जन्मदिन समारोह में भी हिस्सा लेंगे। बता दें कि सिद्धारमैया के समर्थकों ने उनके जन्मदिन पर एक भव्य समारोह की योजना बनाई है। कर्नाटक की सियासत के जानकारों का मानना है कि सिद्धारमैया अहिंडा (AHINDA) फॉर्मूले पर अच्छा जनाधार रखते हैं। अगर सिद्धारमैया अल्पसंख्यातरु (अल्पसंख्यक), हिंदुलिदावर (पिछड़ा वर्ग) और दलित मतदाताओं को एकजुट कर पाते हैं तो उनका AHINDA फॉर्मूला प्रतिद्वंद्वी भाजपा और जेडीएस के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है।
सीएम कैंडिडेट का फैसला आलाकमान करेगा ?
यह भी दिलचस्प है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ने खुले तौर पर कहा है कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक और चुनाव में बहुमत हासिल करने पर आलाकमान करेंगे। हालांकि, दोनों नेताओं के वफादार और फॉलोअर्स अपने-अपने नेताओं के समर्थन में बयानबाजी कर रहे हैं। जिसे कांग्रेस की कथित 'दरार' समझा जा रहा है।
कांग्रेस में अंदरुनी कलह का खंडन
सिद्धारमैया के भव्य जन्मदिन समारोह की योजना एक वर्ग की असहमति के बावजूद बनाई गई है। कथित तौर पर डीके शिवकुमार ने भी समारोह पर ऐतराज जताया है। शिवकुमार पार्टी के भीतर "व्यक्तित्व पंथ" (personality cult) के विरोधी माने जाते हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दावा किया है कि शीर्ष पद के लिए पार्टी में कोई अंदरूनी कलह नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के बीच तनातनी की खबरें बनाने के लिए मीडिया को दोषी ठहराया।
पूर्व सीएम ने लिंगायत नेता एसआर पाटिल का नाम लिया
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जहां दो गुटों के बीच खींचतान तेज होने की खबरें और इनका खंडन दोनों हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने सीएम कैंडिडेट के रूप में कांग्रेस नेता एसआर पाटिल का नाम प्रस्तावित किया है। पाटिल एक लिंगायत नेता हैं। बाद में मोइली ने सफाई देते हुए कहा, "मेरी टिप्पणियों का गलत अर्थ निकाला गया। एसआर पाटिल की तरह हमारे पास सीएम पद के लिए कई सक्षम उम्मीदवार हैं। उन्होंने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार में से किसी एक को चुनने का सवाल टाल दिया।
मुख्यमंत्री बनने पर खुद सिद्धारमैया क्या बोले
सीएम कैंडिडेट और कर्नाटक विधानसभा चुनाव के संबंध में एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक साक्षात्कार के दौरान सिद्धारमैया ने स्वीकार किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा, उनकी इच्छा है लेकिन विधायकों पर भी निर्भर करता है। हम नहीं जानते। सीएम का फैसला 2023 के चुनावों के बाद, नवनिर्वाचित विधायक करेंगे, लेकिन सीएम बनने की ख्वाहिश रखने में कुछ भी गलत नहीं है। डीके शिवकुमार भी सीएम बनने की इच्छा रख सकते हैं, लेकिन पार्टी आलाकमान ने अभी तक सीएम उम्मीदवार पर फैसला नहीं किया है और इसके लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।
पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक
बता दें कि कर्नाटक कांग्रेस की एक्टिविटी पर देशभर के सियासी पंडितों निगाहें हैं। राजनीतिक समीक्षकों की राय में सिद्धारमैया के जन्मदिन के मौके पर दावणगेरे में भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। ये उनकी ओर से शक्ति प्रदर्शन का भी प्रयास है। राहुल दो अगस्त को कर्नाटक पहुंचे जहां उन्होंने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (KPCC) की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में भाग लिया। राहुल गांधी ने इस अहम बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी इकाई से एकजुट होने का आग्रह किया। खबरों के मुताबिक 9 जुलाई को पार्टी संविधान में संशोधन के बाद कर्नाटक कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की ये पहली बैठक थी।
ಹುಬ್ಬಳ್ಳಿಯಲ್ಲಿ ನಡೆದ 'ರಾಜಕೀಯ ವ್ಯವಹಾರಗಳ ಸಮಿತಿ' ಸಭೆಯಲ್ಲಿ ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ನಾಯಕರಾದ @RahulGandhi, ಎಐಸಿಸಿ ಪ್ರಧಾನ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿಗಳಾದ @kcvenugopalmp
— Karnataka Congress (@INCKarnataka) August 2, 2022
ಕೆಪಿಸಿಸಿ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ @DKShivakumar, ವಿಧಾನಸಭೆ ವಿಪಕ್ಷ ನಾಯಕರಾದ @siddaramaiah, ವಿಧಾನ ಪರಿಷತ್ ವಿಪಕ್ಷ ನಾಯಕರಾದ @HariprasadBK2 ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು. pic.twitter.com/OGpYcSQd2k
मतभेद प्रकट करने से बचें
राहुल गांधी ने बैठक के बाद कहा, कर्नाटक का पूरा नेतृत्व एक साथ हाथ मिलाएगा और कर्नाटक में 2023 के चुनावों में जीत हासिल करेगा। पार्टी नेताओं से राहुल ने आह्वान किया, जाने-अनजाने मीडिया के सामने इधर-उधर कुछ बयान दिए जाते हैं। उस जाल में मत फंसो। पार्टी नेताओं को मतभेद प्रकट नहीं करना चाहिए।












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