कोरोना संकट में राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, बोले- टेस्टिंग किट खरीदने में भारत ने देरी की
नई दिल्ली। पूरा देश कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 3 मई तक के लिए लॉकडाउन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के नाम संबोधन में इसका ऐलान किया। लेकिन इस बीच कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत ने टेस्टिंग किट खरीदने में काफी देर की और अब उसके पास इन किट्स की काफी ज्यादा किल्लत है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रति 10 लाख की आबादी में सिर्फ 149 भारतीयों का टेस्ट किया जा रहा है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो हम लाओस(157), नाइगर (182), हॉन्ड्रस (162) जैसे देशों की कतार में खड़े हैं।

अधिक टेस्टिंग ही हथियार
राहुल गांधी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का टेस्ट ही इस वायरस के खिलाफ बड़ा हथियार है। मौजूदा समय में हम इस लड़ाई मे कहीं नहीं टिकते हैं। यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने सरकार पर कोरोना संकट काल में हमला बोला है। इससे पहले पीएम मोदी के संबोधन से पहले सोमवार को राहुल गांधी ने कहा था कि किसानों,श्रमिकों,दिहाड़ी मज़दूरों,व्यापारियों,सभी को एक पैमाने से नहीं देखा जा सकता।पूर्ण लॉकडाउन कई वर्गों के लिए विपदा बन गया है।देश को "स्मॉर्ट" समाधान की ज़रूरत है:बड़े स्तर पे टेस्ट,वाइरस हॉटस्पॉट की पहचान और घेराव,बाक़ी जगहों पर सावधानी से धीरे-धीरे काम-काज शुरू होना चाहिए।

विदेशी कंपनियों को ना मिले ये अनुमति
इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आर्थिक लिहाज से ये बहुत मुश्किल समय है। ऐसे में इस समय सरकार किसी भी विदेशी को भारतीय कॉर्पोरेट के टेकओवर की अनुमति ना दे। रविवार शाम राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, बड़े पैमाने पर आर्थिक मंदी ने कई भारतीय कॉरपोरेट्स को कमजोर कर दिया है। वो टेक ओवर किए जाने के लिए आकर्षक टारगेट बन गए हैं। सरकार को चाहिए कि राष्ट्रीय संकट के इस समय में किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट पर नियंत्रण की अनुमति नहीं दे।

किसानों का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी देश में कमजोर होने को लेकर लगातार सवाल करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने लॉकडाउन के दौरान किसानों के नुकसान को लेकर भी सवाल किया था। उन्होंने हाल ही में कहा था कि रबी की फसल खेतों में तैयार खड़ी है लेकिन लॉकडाउन में कटाई का काम मुश्किल है। सैकड़ों किसानों की जीविका खतरे में है।देश के अन्नदाता किसान आज इस संकट में दोहरी मुसीबत में हैं। कटाई के लिए सुरक्षित तरीके से लॉक्डाउन में ढील दी जानी चाहिए।

अर्थव्यवस्था पर कही थी ये बात
राहुल ने इससे पहले पीएम के दीया जलाने की अपील पर कहा था कि कोरोनावायरस हमारी नाज़ुक अर्थव्यवस्था पर एक कड़ा प्रहार है। छोटे, मध्यम व्यवसायी और दिहाड़ी मजदूर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ताली बजाने से उन्हें मदद नहीं मिलेगी। आज नकद मदद, टैक्स ब्रेक और कर्ज अदायगी पर रोक जैसे एक बड़े आर्थिक पैकेज की जरुरत है।












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