मणिपुर: महिलाओं से बदसलूकी के विरोध में काले कपड़ों में नजर आए राघव चड्ढा, कहा- क्या ये है डबल इंजन सरकार?
मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के वायरल वीडियो पर आप सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है उन्होंने कहा कि क्या यही है 21वीं सदी का भारत।
मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना ने देश को शर्मसार कर दिया है। वहीं, इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार राज्य और केंद्र सरकार को घेर रही है। इसी दौरान राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा ने मणिपुर की स्थिति पर विरोध में संसद में काला कुर्ता पहना।
सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि मणिपुर से आ रही क्रूरता और राक्षसी कृत्यों की तस्वीरों ने भारत की आत्मा को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। क्या ये 21वीं सदी का भारत है? क्या ये नया भारत है जिसके बारे में पीएम मोदी दुनिया भर में गाते हैं? क्या मणिपुर के लोगों ने ये वोट दिया था?

आप सांसद ने पूछा कि क्या सत्तारूढ़ बीजेपी अब भी स्वीकार नहीं करेगी कि मणिपुर जल रहा है। अगर पाकिस्तान से लेकर कजाकिस्तान तक कहीं भी छोटा सा भूकंप आता है तो बीजेपी के मंत्री ट्वीट करते हैं। और जब मणिपुर जल रहा है, तो इन लोगों को कोई चिंता नहीं है। मणिपुर की चीखें दुनिया के हर कोने तक पहुंच गई है, लेकिन दिल्ली में सत्ता के गलियारों तक नहीं।
बीजेपी के डबल इंजन नारे पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि क्या यही भाजपा की डबल इंजन सरकार है? डबल इंजन सरकार का मतलब डबल क्रूरता, डबल उत्पीड़न और डबल राक्षसी है। हम इस पर चर्चा की मांग करेंगे जिससे सरकार इस पर चर्चा कर सके।
इसके साथ ही ये सवाल पूछे जाने पर कि आप इस सत्र में दिल्ली के नौकरशाहों को नियंत्रित करने वाले अध्यादेश को पारित करने के केंद्र के दबाव से कैसे निपटने की योजना बना रही है, तो राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि सरकारों की हत्या करना, उनकी शक्तियां छीनना भाजपा शासित केंद्र की प्राथमिकता है। हम इस कानून का पुरजोर विरोध करेंगे। ये एक राष्ट्र-विरोधी कानून है। जो कोई भी इसका समर्थन करेगा, उसे इतिहास में राष्ट्र-विरोधी के रूप में याद किया जाएगा।
मानसून सत्र के लिए संसद की बैठक शुरू होने पर आज उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई। विपक्ष के सदस्यों ने नियम 267 के तहत मणिपुर में अशांति पर चर्चा की मांग की। ये नियम किसी विशेष मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन के सभी कामकाज को निलंबित करने के लिए है।
जब सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो विपक्ष के नेता और कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवाब दिया कि हमने सदन के अन्य सभी कार्यों को निलंबित करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है और फिर इस पर विचार करें। प्रधानमंत्री को बयान देने दीजिए और हम चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने इस मामले पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मणिपुर में जो हुआ उससे देश शर्मसार हुआ है और आश्वासन दिया कि इस भयावह कृत्य के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।












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