पंजाब: मोदी सरकार की नीतियों से बदली औद्योगिक क्षेत्रों की तस्वीर, रोज़गार पाकर अपने सपने गढ़ रहे लोग

देश में पंजाब की गिनती शक्तिशाली राज्यों में होती है। यह प्रांत अपनी उपजाऊ भूमि के लिए जाना जाता है। यहा‍ँ की फसल देश के कोने-कोने तक जाती है। यही वजह है कि इस प्रदेश को देश की रोटी की टोकरी कहा जाता है। यहां के लोगों का खानपान भी बहुत अलग है। दूध-मक्खन में लोग डूबे रहते हैं। यहां प्रति व्यक्ति दूध की खपत भी सबसे अधिक है।

लेकिन कृषि के अलावा पंजाब उद्योग के लिए भी जाना जाता है। पंजाब की औद्योगिक शक्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहा‍ँ देश के 92 प्रतिशत साइकिल पार्ट्स और 75 प्रतिशत साइकिलों का निर्माण होता है। अब आप ये सोचेंगे इस आर्थिक इंजन को क्या चलाता है? और पंजाब की बहुमुखी सफलता के पीछे कौन सी ताकत है?

पिछले कुछ सालों में पंजाब ने औद्योगिक विकास में जबरदस्त काम किया है। तीन महीनों के भीतर 507 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। 318 परियोजनाओं को विनिर्माण क्षेत्र के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। 139 परियोजनाओं को सेवा क्षेत्र के लिए रखा गया है। बाकी 50 परियोजनाएं रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ी हैं।

मोदी सरकार की नई औद्योगिक और ईवी नीति का उद्देश्य पंजाब के औद्योगिक परिदृश्य को और बढ़ावा देना है। राज्य की औद्योगिक नीति विशेष रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), बुनियादी ढांचे और बिजली पर आधारित है। सरकार की नीति 15 औद्योगिक पार्क और 20 ग्रामीण क्लस्टर विकसित करने पर केंद्रित है। पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर देने के लिए सरकार काम कर रही है।

पंजाब में लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालने के लिए दो प्रमुख पहल किए जा रहे हैं। लाडोवाल में पंजाब एग्रो का फूड पार्क 54 प्लॉट आवंटित करने के लिए तैयार है, जिससे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। सरकार यहां प्लांट लगाने वाले उद्यमियों को नाबार्ड के माध्यम से सब्सिडी और ऋण की सुविधा भी दे रही है।

इसके अतिरिक्त फगवाड़ा में हाल ही में उद्घाटन किए गए मेगा फूड पार्क से 25000 किसानों को लाभ होने और 5000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। यह मेगा फूड पार्क 107.83 करोड़ रुपये की परियोजना लागत पर बनाया गया है और 55 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास के लिए आत्मनिर्भर भारत के तहत 10000 करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है, जिससे किसानों को लाभ होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

पंजाब को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दृष्टि से मोदी सरकार अपने ठोस प्रयासों से औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके और आवश्यक बुनियादी ढांचा और सहायता प्रदान करके पंजाब औद्योगिक नवाचार और आर्थिक समृद्धि का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

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