भगवंत मान की वो खासियत जिसके कारण आप ने उन्हें बनाया पंजाब सीएम का चेहरा
नई दिल्ली, 18 जनवरी। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 की तरीखों की घोषणा हो चुकी है। पंजाब चुनाव में कांग्रेस पार्टी को कड़ी टक्कर देने के लिए आम आदमी पार्टी ने कमर कस ली है। आम आदमी पार्टी (आप) ने भगवंत मान को पंजाब के लिए मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार चुना है। लोगों की पसंद जानने के बाद आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान को सीएम का चेहरा बनाया है। आइए जानते हैं ऐसे पांच कारण जिनके कारण भगवंत मान पर आप ने इतना विश्वास जताया है।

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मालवा क्षेत्र में भगवंत मान का चल चुका है जादू
भगवंत मान जिन्हें अपनी 'बसंती' पगड़ी के कारण जाना जाता है। वो जनता के बीच एक पॉपुलर चेहरा है। भगवंत मान की जनता के बीच एक साफ सुथरी छवि है। पंजाब चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान संगरूर लोकसभा सीट से दो बार के सांसद हैं और संसद में पार्टी का चेहरा हैं। भगवंत मान न की सीट मालवा क्षेत्र से आती है। पंजाब का इतिहास रहा है जिस पार्टी ने मालवा जीता उसी की सरकार सत्ता हासिल करती है। यहां पर 2017 विधानसभा चुनाव में आप को यहां अच्छे वोट मिले थे और भगवंत मान को सीएम फेस बनाकर उनके जरिए इस क्षेत्र में अधिक से अधिक विधानसभा सीटें जीतने का आप का लक्ष्य है।
भगवंत मान के जरिए आप जीतना चाहती है अधिक से अधिक सीट
117 विधानसभा सीटों वाले पंजाब राज्य के मालवा रीजन जहां 2017 में आप ने 20 सीटें जीती थी, वहीं कांग्रेस ने कुल 40 सीटें जीती थी। इस क्षेत्र में अकाली दल की सालों से पकड़ रही लेकिन 2017 में मात्र 8 सीट पर ही जीत हासिल की थी। जबकि 2012 के चुनाव में 33 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस क्षेत्र में अकाली दल से जो लोगों का मोह भंग हुआ उसका फायदा आप आगामी चुनाव में उठाना चाहती है और इस क्षेत्र में अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर भगवंत मान के जरिए सत्ता पर काबिज होना चाहती है।
भगवंत मान के जरिए जाट वोटरों को साधना भी है आप का मकसद
पंजाब में 20 प्रतिशत जाट मतदाता है। आम आदमी पार्टी को 2017 के चुनाव में जाट सिखों का खासा प्यार मिला था। 2017 में आप ने पंजाब में 20 सीटों पर जीत हासिल की थी और इस समय जाट सिखों में पार्टी अपना विश्वास जमाने में कामयाब हुई थी। 2019 में जब मोदी लहर हर ओर थी तब भगवंत मान ने सुगरूर सीट से जीत हासिल की थी। भगवंत जाट सिख हैं, ऐसे में भगवंत मान के जरिए जाट वोटरों को साधना भी आप का उद्देश्य है।
भगवंत मान इस दिग्गज नेता को दे चुके हैं मात
प्रसिद्ध स्टैंडअप कॉमिक भगवंत मान ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 2011 में की थी। जब वह मनप्रीत सिंह बादल के नेतृत्व वाली पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब में शामिल हुए। 2012 में, उन्होंने लेहरा से विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन असफल रहे। पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में 1972 में जन्में भगवंत मान 2014 में आप में शामिल हुए और संगरूर सीट से लोकसभा के लिए चुने गए। वह 2017 के राज्य चुनाव अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल से हार गए लेकिन 2019 के आम चुनाव में संगरूर सीट को बरकरार रखा। जब शिरोमणि अकाली दल (SAD) का उस समय हिस्सा रहे सुखदेव सिंह ढींडसा जैसे दिग्गज नेता को भगवंत मान ने हराया तो उनका कद बढ़ गया। दिग्गज नेताओं को पटकनी दे चुके भगवंत मान को आप ने सीएम का चेहरा आप ने सोच समझ कर बनाया है।
सर्वे में बने जनता की हैं पहली पसंद
संसद में अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाने वाले भगवंत मान को लोगों और पार्टी नेताओं के बीच व्यापक समर्थन भी प्राप्त है। आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मान को टेलीवोटिंग अभियान में 93 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जिसमें लोगों को शीर्ष पद के लिए अपनी पसंद के फोन पर फोन करने के लिए कहा गया था जिसमें भगवंत मान को बहुमत मिला।
आप पंजाब में सीएम पद के उम्मीदवार की घोषणा करने वाली बन गई एकमात्र पार्टी
कांग्रेस जो कि पंजाब में सीएम के चेहरे की घोषणा के बिना ही चुनाव लड़ना चाह रही है वहीं आप पंजाब में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने वाली पहली - अब तक एकमात्र - पार्टी है। आप ने पिछले चुनाव में ऐसा करने से परहेज किया था लेकिन इस बार उसने उस गलती को सुधार दिया है। इसका भी चुनाव पर असर देखने को मिलेगा।












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