पुलवामा हमला: इमरान से बोले कैप्‍टन अमरिंदर, अगर आप आतंकियों का कुछ नहीं कर पा रहे तो हमें बताइए

चंडीगढ़। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को एक ऑडियो और वीडियो मैसेज रिलीज किया है। इमरान ने यह वीडियो पाकिस्‍तान के सरकारी रेडियो चैनल रेडियो पाकिस्‍तान के लिए रिलीज किया। इमरान पुलवामा में हुए आतंकी हमले में अपने देश का हाथ होने से साफ इनकार कर दिया। इमरान के इस ऑडियो मैसेज के बाद एक बार फिर पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की आक्रामक प्रतिक्रिया आई है। कैप्‍टन सिंह ने एक बार फिर इमरान पर निशाना साधा है और कहा है कि पाक में ही जैश का सरगना मौलाना मसूद अजहर मौजूद है।

मसूद अजहर को पकड़‍िए

कैप्‍टन अमरिंदर ने इमरान के मैसेज के बाद ट्वीट किया। कैप्‍टन ने लिखा, 'डियर इमरान खान, आपके पास जैश का चीफ मसूद अजहर है जो बहावलपुर में बैठा है और उसने इस हमले को आईएसआई की मदद से अंजाम दिया है। अगर आप उसे वहां से पकड़ नहीं सकते हैं तो हमें बताइए हम इस काम को आपके लिए करेंगे। वैसे आपको याद दिला दें कि मुंबई में 26/11 आतंकी हमलों के बाद आपको बहुत सुबूत दिए गए थे। अब समय कुछ करने का है।' पुलवामा हमले के बाद कैप्‍टन अमरिंदर की अगुवाई में पंजाब विधानसभा में पाकिस्‍तान की निंदा का प्रस्‍ताव पास किया गया था।

बाजवा को ललकारा

बाजवा को ललकारा

उस समय सीएम की ओर से बयान दिया गया था कि इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्‍तान जिम्‍मेदार है। इसके साथ ही उन्‍होंने पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा को भी चुनौती थी। उन्‍होंने कहा था, 'बाजवा भी पंजाबी हैं और मैं भी पंजाबी हूं। मैदान में आ जाएं जनरल साहब तो बता दूंगा कि कौन कितना बड़ा पंजाबी है।'

करतारपुर कॉरिडोर पर दिया जवाब

करतारपुर कॉरिडोर पर दिया जवाब

कैप्‍टन अमरिंदर ने नवंबर 2018 में भी पाक पीएम इमरान को इसी तरह का जवाब दिया था। उस समय उन्‍हें पाकिस्‍तान की ओर से करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए इनवाइट किया गया था। सीएम अमरिंदर ने पाक के इनवाइट को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि पाक की सरजमीं पर भारतीय सैनिकों की शहादत की साजिश होती, इसलिए वह नहीं आना चाहते हैं। कैप्‍टन ने चिट्ठी लिखकर पाकिस्‍तान को सिरे से न कहा था।

आर्मी ऑफिसर रहे हैं कैप्‍टन

आर्मी ऑफिसर रहे हैं कैप्‍टन

पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह इंडियन आर्मी के एक ऑफिसर भी रहे हैं और उन्‍होंने साल 1962 में चीन के खिलाफ युद्ध में हिस्‍सा लिया था। कैप्‍टन ने अपनी चिट्ठी में जो पहली वजह पाकिस्‍तान को बताई थी , वह है लगातार नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्‍तान की तरफ से होने वाले आतंकी हमले। कैप्‍टन ने लिखा था, 'एक भी दिन ऐसा नहीं है जब कोई भारतीय सैनिक जम्‍मू कश्मीर में शहीद न हो रहा हो। थोड़े दिन पहले ही एलओसी पर हुए हमले में उनकी बटालियन के एक मेजर और कुछ जवान शहीद हो गए हैं।'

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