पुलवामा आतंकी हमला: उरी के बाद कश्मीर में सुरक्षाबलों पर सबसे बड़ा हमला
पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। जम्मू से श्रीनगर जा रहे सीआरपीएफ जवानों से भरी बस पर आत्मघाती हमला हुआ है और 26 जवान शहीद हो गए। जहां घाटी ने 17 वर्ष बाद एक खतरनाक आत्मघाती हमला देखा तो वहीं सुरक्षाबलों साल 2016 के बाद एक बुरे आतंकी हमले का निशाना बने। इस हमले में 45 से ज्यादा जवान घायल हैं और कुछ जवानों की हालत नाजुक बताई जा रही है। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद पिछले पांच वर्षों में यह 18वां आतंकी हमला है। यह भी पढ़ें-जैश के इसी आतंकी आदिल ने ली सीआरपीएफ के 20 से ज्यादा जवानों की जान!

उरी के बाद सबसे बड़ा हमला
इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने ली है। गुरुवार को जो हमला हुआ है उसमें सीआरपीएफ की बस से विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो को टकरा गया था। हमला कितना खतरनाक था इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हमले के लिए 350 किलोग्राम विस्फोट का प्रयोग हुआ था। सितंबर 2016 में बारामूला के तहत आने वाले उरी में स्थित आर्मी कैंप पर आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में 19 जवान शहीद हुए तो चार आतंकी ढेर किए गए थे।

उरी से पहले पठानकोट और उरी के बाद नगरोटा
हमले के बाद सेना ने पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और कई आतंकी कैंप्स को तबाह किया। उरी से पहले देश ने जनवरी 2016 में पठानकोट स्थित इंडियन एयरफोर्स बेस पर आतंकी हमला हुआ। उस हमले को भी जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था। उरी आतंकी हमले के बाद नगरोटा में आर्मी एरिया में आतंकी हमला हुआ जिसमें मेजर अक्षय गिरीश समेत 10 सैनिक शहीद हो गए थे।

केंद्र सरकार के दावे गलत साबित
इस हमले ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती तो पेश की है तो वहीं केंद्र सरकार के माथे पर भी बल डाल दिए हैं। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की ओर से पिछले दिनों जो दावे किए जा रहे थे कि घाटी में बड़ा आतंकी हमला उन्होंने रोक दिया, इस हमले के साथ उन सभी दावों पर पूर्णविराम भी लग गया है। कश्मीर घाटी में हालात जुलाई 2016 के बाद से ही खराब हो गए हैं जब सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।

पुलवामा के रहने वाले आदिल ने किया हमला
जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से जानकारी दी गई है कि हमले को जैश के आतंकी आदिल अहमद डार उर्फ वकास ने अंजाम दिया। आदिल पुलवामा का ही रहने वाला था और यहां के काकापोरा से आता था। आदिल साल 2018 में ही जैश से जुड़ा था। सीआरपीएफ जवानों को लेकर जो बस रास्ते से गुजर रही थी उस रास्ते पर पहले से ही एक स्कॉर्पियो खड़ी थी। बताया जा रहा है कि इस गाड़ी में 350 किलोग्राम विस्फोटक था। जैश ने आदिल का अपना कमांडो बताया है और अपने बयान में कहा है कि उसने बड़ी ही बहादुरी से अपना मिशन पूरा किया।












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