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लोकसभा चुनाव 2019: आसनसोल लोकसभा सीट के बारे में जानिए

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में कोलकाता के बाद दूसरा सबसे बड़ा शहर है आसनसोल। आसनसोल से भारतीय जनता पार्टी के सांसद बाबुल सुप्रियो सांसद हैं। बाबुल सुप्रियो ने 2014 में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन को 70 हजार 480 वोटों से हराया था। इन दोनों के बीच हार का अंतर बहुत अधिक नहीं था। दोनों के वोट प्रतिशत में भी महज़ छह प्रतिशत का अंतर था। साल 20111 में यहां 1469,684 लोगों का नाम वोटर लिस्‍ट में था। हालांकि इनमें से 78 फीसदी ने ही अपने मत का प्रयोग किया। वोट देने वालों में 633,230 पुरुष और 509,165 महिलाएं शामिल थीं।

profile of Asansol lok sabha constituency

यूके की रिसर्च ऑर्गनाइजेशन इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट फॉर इन्‍वायरेनमेंटल एंड डेवलपमेंट की 2010 की रिपोर्ट ने भारत का 11वां और दुनिया का 42वां सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहर के रूप में चुना था। इस जगह की अर्थव्‍यवस्‍था पूरी तरह इस्‍पात और कोयला उद्योग और रेलवे पर टिकी हुई है। आसनसोल संसदीय क्षेत्र की कुल जनसंख्‍या 2,137,389 है, जिसमें 80 फीसदी लोग शहरी इलाकों में रहते हैं, जबकि 20 फीसदी लोग ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। यहां पर किसानों और मजदूरों से लेकर मध्‍यम वर्गीय, बिजनेस क्‍लास तक के लोगों का वोट वोट मायने रखता है। बाबुल सुप्रियों ने मइ 2014 से दिसंबर 2018 के बीच एक भी सवाल सदन में नहीं पूछा। यही नहीं उन्‍होंने एक भी परिचर्चा में भी हिस्‍सा नहीं लिया। बात अगर सदन में उपस्थिति की करें तो वे मात्र 45 फीसदी उपस्थिति दर्ज कर पाये।

इतिहास के पन्‍ने पलटें तो आप पायेंगे कि इस सीट पर सबसे अधिक समय तक शासन सीपीआईएम ने किया है। 1989 से लेकर 2014 तक सीपीआईएम के नेता यहां से सांसद रहे। यही कारण है कि पिछले साल सीपीआईएम के प्रत्‍याशी बंस गोपाल चौधरी को 22 फीसदी वोट मिले, और वे तीसरे स्‍थान पर रहे। अब यह 22 फीसदी इस चुनाव में सीपीआईएम के किसी ऐसे प्रत्‍याशी को खड़ा करना चाहेंगे, जिसके पास बड़ा वोटबैंक हो। इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि भाजपा अपनी इस सीट को बचाने के लिये भरपूर प्रयास करेगी, लेकिन कांग्रेस का वोटबैंक उसके आड़े आ सकता है। अब शारदा चिटफंड घोटाले की वजह से चल रहे घमासान की वजह से तृणमूल कांग्रेस लगातार भाजपा पर वार कर रही है। इस मामले में बंगाल की जनता तृणमूल के साथ होगी, या नहीं यह तो ईवीएम खुलने के बाद पता चलेगा, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि यह मामला बंगाल की एक-एक सीट पर हावी होने वाला है।

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English summary
profile of Asansol lok sabha constituency
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