लोकसभा चुनाव 2019: मेहसाणा लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: गुजरात की मेहसाणा लोकसभा सीट से सांसद भाजपा की जयश्री बेन हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी जिवाभाई अंबालाल पटेल को 208, 891 वोटों से हराया था। जयश्री बेन को इस चुनाव में 580, 250 वोट मिले थे वहीं जिवाभाई अंबालाल पटेल को 371, 359 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। बसपा प्रत्याशी मात्र 9,766 वोट लेकर नंबर तीन की पोजिशन पर था।

मेहसाणा लोकसभा सीट का इतिहास
मेहसाणा लोकसभा सीट पर पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था, जिसे की कांग्रेस ने जीता था। साल 1957 के चुनाव में यहां पर निर्दलीय और 1962 के चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। 1967 का चुनाव यहां पर स्वतंत्र पार्टी ने जीता और उसके बाद 1971 में एक बार फिर से यह सीट कांग्रेस के पास गई तो वहीं 1977 के चुनाव में भारतीय लोकदल यहां का विजेता बना। साल 1980 का चुनाव यहां पर कांग्रेस ने ही जीता लेकिन 1984 के लोकसभा चुनाव के बाद से यह बीजेपी पार्टी का गढ़ बन गया। 1984 से लेकर 1998 तक बीजेपी यहां लगातार जीत दर्ज करते हुए आई है, हालांकि 1999 और 2004 में कांग्रेस यहां बीजेपी को हराने में कामयाब हुई थी लेकिन इसके बाद 2009 में बीजेपी फिर से जयश्री बेन के दम पर वापसी की थी और 2014 के चुनाव में भी जयश्री बेन ने यहां अपना परचम लहराया था और वो लगातार दूसरी बार यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचीं।
मेहसाणा, एक परिचय-प्रमुख बातें-
मेहसाणा गुजरात का पुराना शहर है, अहमदाबाद से करीब 74 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मेहसाणा गुजरात के सबसे बड़े जिलों में से एक है। मेहसाणा पौराणिक सूर्य मंदिर के लिए काफी प्रसिद्ध है, जो करीब 900 साल पुराना मंदिर है, वहीं, यहां लोहे और स्टील के सबसे बड़े बाजार के लिए भी जाना जाता है, इसके साथ ही मेहसाणा शंखेश्वर में स्थित जैन तीर्थस्थल पर 125 फीट ऊंची पदमावती देवी की आकर्षक मूर्ति के लिए भी प्रसिद्ध है। मेहसाणा यातायात के साधनों से जुड़ा है, जिसमें रेल, सड़क मार्ग प्रमुख है, यहां की जनसंख्या 20,22,310 है, जिसमें 74 प्रतिशत लोग गांवों में और 25 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं जबकि यहां 7 प्रतिशत लोग अनुसूचित वर्ग के और 0.46 प्रतिशत लोग अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं।
जयश्री बेन का लोकसभा में प्रदर्शन
साल 2014 में जयश्री बेन ने कांग्रेस प्रत्याशी जिवाभाई अंबालाल पटेल को बड़े अंतर से शिकस्त दी थी तो वहीं, 2009 के लोकसभा चुनाव में भी जिवाभाई को जयश्री बेन से हारना पड़ा था लेकिन उस वक्त जीत का अंतर काफी कम था। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान जयश्री बेन की लोकसभा में उपस्थिति 98 प्रतिशत रही है और उन्होंने इस दौरान 126 डिबेट में हिस्सा लिया और 386 प्रश्न पूछे हैं। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 14,98,219 थी , जिसमें से मात्र 10,04,258 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग यहां पर किया, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,44,710 और महिलाओं की संख्या 4,59,548 थी।
मेहसाणा लोकसभा क्षेत्र बीजेपी का गढ़ बन गई है, उसे यहां पर हराना आसान नहीं है, हालांकि राजनीति में शह और मात का खेल चलता रहता है और यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है और यही वजह है कि कांग्रेस पुरजोर कोशिश इस सीट को जीतने में करेगी लेकिन होगा तो वही जो यहां की जनता चाहेगी, अब वो भाजपा को फिर से यहां चुनती है या फिर कुछ चौंकाने वाले नतीजों से हमें रूबरू कराती है, ये एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब चुनावी नतीजे देंगे।












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