लोकसभा चुनाव 2019: जानिए लोकसभा सीट कोट्टायम के बारे में
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हम आपको अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोकसभा सीटों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसी क्रम में आज हम बात कर रहे हैं केरल के बेहद खास शहर और लोकसभा सीट कोट्टायम के बारे में। कोट्टायम केरल के कुमारकोम वेम्बनाड झील के किनारे बसा एक छोटा और खूबसूरत शहर है। इस शहर की खासियत यहां की प्रकृतिक खूबसूरती है। कोट्टयम केरल का महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। 2204 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला यह शहर प्राकृतिक सुंदरता के अदभूत नजारों के लिए देश भर में मशहूर है। कोट्टयम के पूर्व में ऊंचे पश्चिमी घाट और पश्चिम में वेम्बानद झील है। कोट्टायम के ऐतिहासिक महत्व के बारे में बात करें तो इसका महत्व द्वितीय चेरा साम्राज्य से बढा। चेरा साम्राज्य का इस जगह पर विशेष प्रभाव था। महाराजा मार्तण्ड वर्मा ने केरल के शासक के रूप में यहां गहरी छाप छोड़ी। अपने पूर्ववर्ती शासकों द्वारा स्थापित वेम्बोलीनाडु पर उसने विजय प्राप्त की।

कोट्टायम की राजनीतिक स्थिति
कोट्टायम में पहली बार 1952 में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने इस सीट पर कब्जा किया। कांग्रेस के सीपी मैथ्यू ने इस सीट से पहली बार जीत हासिल कर सांसद बने। इस सीट पर कांग्रेस ने 6 बार चुनाव जीता तो वहीं सीपीआई(एम)ने इस सीट पर 5 बार जीत हासिल की। केरल कांग्रेस ने 5 बार कोट्टायम सीट पर जीत हासिल की। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में केरल कांग्रेस के जॉस के मनी ने जेडीएस के मैथ्यू थॉमस को हराकर जीत हासिल की। जॉस के मनी को 424194 वोट मिले तो वहीं मैथ्यू थॉमस को 303595 वोट हासिल हुए।
कोट्टायम लोकसभा सीट पर कुल जनसंख्या 1538972 है, जिसमें 68.45 प्रतिशत रूरल और 31.55 प्रतिशत अर्बन जमसंख्या है। इस सीट पर 7.73 प्रतिशत एससी और 0.86 प्रतिशत एसटी जनसंख्या है। अगर मतदाताओं की बात करें तो इस लोकसभा सीट पर 1161463 वोटर्स हैं, जिसमें 573571 पुरूष वोटर्स और 587892 महिला वोटर्स शामिल हैं।
कोट्टायम का मुख्य व्यवसाय
यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती और पर्यटन उद्योग से जुड़ा है। यहां मुख्य रूप से धान की खेती की जाती है। यहां कुछ समय पहले तक रबड़ प्लान्टेशन का काम बड़े पैमाने पर किया जाता था, लेकिन अब ये स्थान पक्षी अभ्यारण्य के रूप में विकसित हो चुका है। वेम्बनाड झील बेकवाटर पर्यटन के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। जहां लोग देश-दुनियाभर से घूमने आते हैं और बोटिंग, फिशिंग और साइटसीइंग का आनंद लेते हैं। जहां बारहों महीने हजारों की संख्या में यहां हमेशा देशी विदेशी पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।
कोट्टायम की खास बातें
कोट्टायम में मलयालम की पहली प्रिटिंग प्रेस लगाई गई थी। इस प्रिटिंग प्रेस की स्थापना एक ईसाई बैंजामिन बैली ने 1820 ई. मे की थी। यहां केरल की सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों का सही रूप में चित्रण करता है। जहां के दर्शनीय स्थलों में कुमारकम पक्षी अभयारण्य, वेम्बानाड झील, कोट्टाथवालम, पूंजर महल, थिरूनक्कर महादेव मंदिर, वेलियापल्ली, ताजहथंगड़ी मस्जिद, मन्नानम, पांचालीमेडू, केसरी जल प्रपात आदि प्रमुख हैं।












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