लोकसभा चुनाव 2019- कौशाम्बी लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की कौशाम्बी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विनोद कुमार सोनकर सांसद हैं, साल 2014 में भाजपा ने ये सीट सपा को 42900 वोटों से हराकर हासिल की थी। भारतीय मानचित्र में अलग पहचान रखने वाला कौशाम्बी जिले के रूप में 1997 में अस्तित्व में आया। ये प्रयागराज शहर से 55 किमी की दूरी पर स्थित है। इस जगह का जिक्र महाभारक काल में मिलता है तो वहीं जैन और बौद्ध ग्रंथों में भी इस जगह का उल्लेख है। कौशाम्बी जिले की आबादी 1,599,596 है, जिनमें पुरुषों की संख्या 838,485 और महिलाओं की संख्या 761,111 है।

यहां की औसत साक्षरता दर 61.28% है, कौशाम्बी देश के 250 अति पिछड़े जिलों में शामिल है, इस शहर को अति पिछड़ा अनुदान निधि मिलती है, यहां शिक्षा, रोजगार, पेयजल संकट जैसी बुनियादी जरूरतें मुंह फैलाए खड़ी हैं, कहना गलत ना होगा कि कौशांम्बी आज भी अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए आंसू बहा रहा है।
कौशांबी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया, यह सीट शुरुआत से ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, इसके अंतरगत उतरप्रदेश की पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं बाबागंज, मंझनपुर, कुंदा, चैल और सिराथू, जिनमें बाबागंज और मंझनपुर की विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व हैं। 2009 में यहां पहली बार आमचुनाव हुए थे जिसे कि समाजवादी पार्टी के नेता शैलेन्द्र कुमार ने जीता था और उन्हें यहां के पहले सांसद बनने का गौरव हासिल हुआ था लेकिन साल 2014 में ये सीट भाजपा ने अपने नाम की और विनोद कुमार सोनकर यहां से एमपी चुने गए।
विनोद कुमार सोनकर का लोकसभा में प्रदर्शन
पहली बार निर्वाचित हुए विनोद कुमार सोनकर सोलहवीं लोकसभा में वाणिज्य सम्बन्धी मामलों की स्थाई समिति के सदस्य भी हैं। पिछले 5 सालों के दौरान विनोद कुमार सोनकर की लोकसभा में उपस्थिति 86 प्रतिशत रही और इस दौरान उन्होंने 75 डिबेट में हिस्सा लिया और 148 प्रश्न पूछे, साल 2014 के चुनाव में यहां SP दूसरे, BSP तीसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही थी, उस साल यहां पर 1738509 मतदाताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें 54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। कौशांबी की 85 प्रतिशत आबादी हिंन्दुओं की और 13 प्रतिशत संख्या मुस्लिमों की है।












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