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लोकसभा चुनाव 2019 : कंधमाल लोकसभा सीट के बारे में जानिए

नई दिल्ली: ओडिशा के कंधमाल लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद बीजू जनता दल की प्रत्युषा राजेश्वरी सिंह हैं। साल 2014 के चुनाव में इस सीट से बीजेडी के हेमेंद्र चरण सिंह ने चुनाव जीता था और सांसद बने। । 5 सितम्बर 2014 को हेमेंद्र सिंह की मृत्यु हो गयी। उसके बाद हुए उपचुनाव में बीजेडी ने उनकी पत्नी प्रत्युषा राजेश्वरी सिंह को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने जीत हासिल की। चार महीने के भीतर ही जब उपचुनाव हुए तो दिवंगत हेमेंद्र की पत्नी प्रत्युषा राजेश्वरी सिंह ने करीब 3 लाख के अंतर से यह चुनाव जीत लिया। उन्हें 4 लाख 77 हजार 529 वोट मिले। बीजेपी के लिए खास बात ये रही कि वह तीसरे नम्बर से दूसरे नम्बर पर आ गयी। बीजेपी के रूद्र माधव रे को 1 लाख 78 हजार 661 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार अभिमन्यु बहेरा 90 हजार 536 वोट हासिल कर पाए।

profile of Kandhamal lok sabha constituency

कंधमाल लोकसभा सीट का इतिहास

कंधमाल का नाम लेते ही जेहन में आता है एक ऐसा इलाका जो धर्मांतरण के लिए कुख्यात हुआ था। यह नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों में भी गिना जाता है। मगर राजनीतिक रूप से कंधमाल बीजू जनता दल के प्रभाव वाला इलाका है। कंधमाल लोकसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आया। 2009 में पहला लोकसभा चुनाव हुआ। तब से अब तक इस सीट पर बीजेडी का दबदबा बना हुआ है। यहां दो लोकसभा चुनाव और एक उपचुनाव हो चुके हैं। तीनों ही चुनावों में बीजेडी को जीत मिली है। 2009 में रूद्र माधव रे कंधमाल से बीजेडी के सांसद चुने गये थे। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले रूद्र माधव रे को बीजेडी से निकाल दिया गया, लेकिन उन्होंने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा। बीजेडी उम्मीदवार हेमेंद्र सिंह के हाथों उन्हें पराजित होना पड़ा। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेडी के हेमेंद्र चरण सिंह को 4 लाख 21 हजार 458 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के हरिहर कर्ण रहे, जिन्हें 2 लाख 40 हज़ार 411 वोट मिले। बीजेपी के सुकान्त कुमार पाणिग्रही को तीसरा स्थान मिला। उन्होंने एक लाख 8 हजार 744 वोट हासिल किए।

प्रत्युषा राजेश्वरी सिंह का लोकसभा में प्रदर्शन

सांसद प्रत्युषा राजेश्वरी सिंह ने 251 दिन संसद की कार्यवाही में हिस्सा लिया। उन्होंने 171 सवाल पूछे। उन्होंने संसद में हुई बहस में 17 बार हिस्सा लिया। उनकी उपस्थिति 88 फीसदी रही। सांसद का यह रिपोर्ट कार्ड दिसम्बर 2018 तक की स्थिति के अनुसार है। कंधमाल लोकसभा क्षेत्र 4 ज़िलों की सीमा में आता है। ये चार ज़िले हैं बौध, गंजाम, कंधमाल और नयागढ़। इस लोकसभा क्षेत्र की आबादी है 17 लाख 1 हजार 708 है। 92 फीसदी ग्रामीण आबादी है। मात्र 8 फीसदी आबादी ही शहरों में रहती है। कंधमाल की तकरीबन 20 प्रतिशत जनसंख्या अनुसूचित जाति है, जबकि आबादी में आदिवासियों का हिस्सा करीब 30 फीसदी है। कंधमाल लोकसभा के अंतर्गत 7 विधानसभा क्षेत्र आते हैं बालीगुडा, जी उदयगिरि, फुलबनी, कांतमाल, बौद्ध, दसपल्ला और भंजनगर। इनमें से तीन सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं। 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में एकमात्र जी उदयगरि पर कांग्रेस का कब्जा रहा था, जबकि बाकी सभी सीटें बीजेडी ने जीत ली थी।

2019 के आम चुनाव में मुकाबला बीजेडी और बीजेपी के बीच अधिक लगता है। कांग्रेस की स्थिति थोड़ी कमजोर हुई है। वास्तव में दल भले दो हों मगर लड़ाई बीजेडी के वर्तमान और पूर्व नेता के बीच ही रहेगी। मगर, किसी भी दल के लिए 3 लाख के अंतर को पाटकर जीत हासिल करना टेढ़ी खीर है। लिहाज बीजेडी की स्थिति काफी मजबूत कही जा सकती है। उन्होंने 2 लाख 63 हज़ार के भारी अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार को पराजित किया। कांग्रेस उम्मीदवार सुचरिता मोहन्ती को 2 लाख 59 हज़ार 800 वोट मिले। बीजेपी उम्मीदवार अशोक साहू को 2 लाख 15 हज़ार से ज्यादा वोट मिले। बीजेडी उम्मीदवार ने इस सीट पर 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल कर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ को साबित कर दिखाया।

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