लोकसभा चुनाव 2019: भरूच लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: गुजरात के भरूच लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के मनसुख वसावा हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव इस सीट पर कांग्रेस के जैयशभाई पटेल को 153, 273 वोटों से हराया था। मनसुख वसावा को यहां पर 5,48,90 वोट मिले थे तो वहीं जैयशभाई पटेल को मात्र 3,95,629 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। इस सीट पर नंबर तीन की पोजिशन पर जेडीयू के प्रत्याशी छोटूभाई वासवा थे, जिन्हें कि 49, 289 वोट हासिल हुए थे।

भरूच लोकसभा सीट का इतिहास
साल 1951 में यहां पहला आम चुनाव हुआ जिसे कि कांग्रेस ने जीता था और तब से लेकर साल 1984 तक इस सीट पर केवल कांग्रेस का ही राज रहा, इस सीट पर अहमद पटेल लगातार तीन बार सांसद रहे, कांग्रेस के विजयी अभियान पर विराम लगाया भाजपा ने, साल 1989 में यहां पहली बार कमल खिला और और चंदूभाई देशमुख यहां से सांसद चुने गए, वो लगातार चार बार इस सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे, वो 1989, 1991, 1996, 1998 में यहां पर सांसद पर रहे लेकिन उनके निधन के बाद इस सीट पर साल 1998 में फिर से उपचुनाव हुए, जिसे कि भाजपा के मनसुख वसावा ने जीता और तब से लेकर अब तक इस सीट पर उन्हीं का राज है, वो पिछले 4 बार से इस सीट के सांसद हैं।
मनसुख वसावा का लोकसभा में प्रदर्शन
भाजपा के कद्दावर नेता मनसुख वसावा केन्द्रीय आदिवासी कल्याण राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उनकी उपस्थिति 87 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 26 डिबेट में हिस्सा लिया है और 246 प्रश्न पूछे हैं। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 14,17,548 थी, जिसमें से मात्र 10,60,211 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग यहां पर किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,64,668 और महिलाओं की संख्या 4,95,543 थी।
भरूच, एक परिचय-प्रमुख बातें-
गुजरात प्रांत का भरूच जिला अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, हाल ही में यह शहर पूरे देश में सुर्खियां बना था क्योंकि इस जिले में पीएम मोदी ने नर्मदा नदी पर चार लेन के एक पुल का उद्घाटन किया था, इस पुल का निर्माण अहमदाबाद-मुबंई राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए किया गया है, यह देश का सबसे लंबा एक्स्ट्रा डाज्ड केबल ब्रिज है, इस पुल की लंबाई 1344 मीटर और चौड़ाई 20.8 मीटर है. यह पुल दो साल में बनकर तैयार हुआ और इस पर 379 करोड़ रुपये की लागत आई है। भरूच जिले की कुल आबादी 20,91,709 है, जिसमें से 72 प्रतिशत लोग गांवों में रहते हैं और 27 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं, यहां पर 3 प्रतिशत लोग एससी वर्ग के और 39 प्रतिशत लोग एसटी वर्ग के हैं।
कभी कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली भरूच लोकसभा सीट पर आज भाजपा का राज है, साल 1989 के बाद से यहां कांग्रेस जीत के लिए तरस रही है, भाजपा के अभेद किले को ध्वस्त करना यहां आसान नहीं है, देखते हैं इस बार कांग्रेस कैसे उसे यहां पर चुनौती देती है, गुजरात विधानसभा चुनावों में अपने बेहतर प्रदर्शन से उत्साहित कांग्रेस इस वक्त भाजपा को हराने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है, अब उसके दावों में कितना दम है और भाजपा कैसे उसका मुकबला करती है, ये एक देखने वाली बात होगी, कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस सीट पर मुकाबला जबरदस्त होगा जिसमें जीत उसी को नसीब होगी, जिसे कि जनता का आशीर्वाद मिलेगा।












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