INS Kalvari Submarine: नौसेना को मिली कलवरी पनडुब्बी, अब बढ़ेगी सेना की ताकत, जानिए खास बातें

नई दिल्ली। आज का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में नौसेना को आईएनएस कलवरी पनडुब्बी सौंप दिया है । वेस्टर्न नेवी कमांड के एक कार्यक्रम में पीएम की मौजूदगी में इस पनडुब्बी को नौसेना में शामिल किया गया। आपको बता दें कि यह एक डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक वाली पनडुब्बी है जिसे डीसीएनएस (फ्रांसीसी नौसैनिक रक्षा और ऊर्जा कंपनी) द्वारा डिजाइन किया गया है और इसे मुंबई में माज़गन डॉक लिमिटेड में निर्मित किया गया है। यह पनडुब्बी हिंद महासागर में भारत की ताकत को बढ़ाने का काम करेगी।

 17 साल बाद

17 साल बाद

मालूम हो कि हाल ही में 8 दिसंबर को भारतीय नेवी की सबमरीन टुकड़ी ने सिल्वर जुबली मनाई है और यह 17 साल बाद हुआ है जब भारतीय नेवी को उसकी पारंपरिक पनडुब्बी मिली है। इस कार्यक्रम की खास बात ये रही कि इस महान आयोजन में भारत की पहली पनडुब्बी के कमांडिंग अफसर 92 वर्षीय कमांडर केएस. सुब्रमण्यम भी शामिल हुए।

 INS कलवरी

INS कलवरी

अब इसे इत्तफाक कहें या खूबसूरत संयोग कि देश की पहली पनडुब्बी का नाम भी INS कलवरी ही था और उस INS कलवरी के कमांडिंग अफसर इस गौरवान्वित पल के साक्षी बने हैं । आठ दिसंबर 1967 को आईएनएस कलवरी नौसेना में शामिल हुई थी जिसे लगभग तीन दशकों के बाद 31 मई 1996 को सेवा से हटा दिया गया था।

खास बातें

खास बातें

आईएनएस कलवरी में पिछली डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की तुलना में बेहतर छुपने वाली प्रौद्योगिकी है। इस पनडुब्बी के माध्यम से टारपीडो के साथ एक हमले शुरू किए जा सकते है। यह उष्णकटिबंधीय समेत सभी सेटिंग्स में काम कर सकती हैं। माइन बिछाने, क्षेत्र निगरानी, खुफिया जानकारी और युद्ध गतिविधियों सहित इस गुप्तता वाली पनडुब्बी के माध्यम से कई रक्षा गतिविधियों का संचालन किया जा सकता है।

एंटी शिप मिसाइल

एंटी शिप मिसाइल

इस पनडुब्बी के माध्यम से पानी की सतह पर या नीचे की सतह से एंटी शिप मिसाइल लॉन्च की जा सकती है, कलवारी को विशेष इस्पात से बनाया गया है. जिससे ये उच्च तीव्रता के हाइड्रोस्टाटिक बल का सामना कर सकती है और महासागरों में गहराई से गोता लगा सकती है।

बढ़ेगी नेवी की ताकत

बढ़ेगी नेवी की ताकत

जलावतरण के समय एक कमीशनिंग वारंट पढ़ा गया और रंगों को बिखेरा गया, इस मौके पर राष्ट्र गान भी गाया गया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा, पश्चिम नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वाइस एडिमरल गिरीश लूथरा और शीर्ष अधिकारी इस समारोह में शामिल हुए।

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