इंदिरा गांधी देश की सबसे स्वीकार्य प्रधानमंत्री- प्रणव मुखर्जी

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को सबसे स्वीकार्य प्रधानमंत्री बताया। बोले बहुत साहसिक थी, कुछ भी फैसला लेने से पीछे नहीं हटती थीं।

नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को देश का अबतक का सबसे स्वीकार्य प्रधानमंत्री बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत में इंदिरा गांधी की मृत्यु के 33 सालों के बाद भी इंदिरा गांधी सबसे स्वीकार्य प्रधानमंत्री हैं। इंदिरा गांधी के जीवन पर लिखी किताब इंदिरा का भारत के विमोचन के मौके पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि 20वीं शताब्दी में दुनियाभर में इंदिरा गांधी एक जबरदस्त व्यक्तित्व थीं।

कई कांग्रेस के नेता रहे मौजूद

कई कांग्रेस के नेता रहे मौजूद

इंदिरा गांधी की लोकप्रियता के बारे में बोलते हुए राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि भारत के लोगों के लिए आज भी 1984 के बाद वह सबसे ज्यादा स्वीकार्य प्रधानमंत्री हैं। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने इंदिरा गांधी की जनशताब्दी के मौके पर इस किताब को लिखा है। तीन मूर्ती भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति के साथ उपराष्ट्रपति एमए अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी भी मौजूद थे। इस मौके पर राहुल गांधी और मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी के स्थान पर उनका वक्तव्य रखा।

ऑपरेशन ब्लू स्टार को किया याद

ऑपरेशन ब्लू स्टार को किया याद

ऑपरेशन ब्लू स्टार को याद करते हुए प्रणव मुखर्जी ने कहा कि वह काफी निर्भीक थीं वह स्वर्ण मंदिर में कुछ भी करने को तैयार थी, उन्होंने कहा कि स्वर्ण मंदिर में गलत काम करने की वजह से अहमद शाह अब्दाली को भी तीसरे पानीपत युद्ध का सामना करना पड़ा था। मुखर्जी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि इंदिरा गांधी को इस बारे में पता नहीं था, उन्हें इस बारे में बेहतर जानकारी थी। उन्होंने मुझसे कहा था कि कभी-कभी इतिहास में ऐसे कदम उठाने की जरूरत होती है जिसे बाद में सही ठहराना मुश्किल होता है, लेकिन वह तत्कालीन समय में सही होता है।

2 महीने में कांग्रेस जीत की राह पर

2 महीने में कांग्रेस जीत की राह पर

राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि 1977 में जिस तरह से कांग्रेस बिखरी थी उसके बाद भी बहुत तेजी से उन्होंने कांग्रेस को फिर से खड़ा किया था। उन्होंने बताया कि 2 जनवरी 1978 को इंदिरा गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था और 20 जनवरी को उन्होंने वर्किंग कमेटी, संसदीय बोर्ड, पीसीसी, एआईसीसी का गठन कर दिया था और दो महीने के भीतर कांग्रेस चुनाव जीत गई थी। कांग्रेस ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में जीत दर्ज की थी।

इंदिरा गांधी का देशप्रेम अलग

इंदिरा गांधी का देशप्रेम अलग

मौजूदा समय में कांग्रेस का जो हाल है उस परिपेक्ष्य से राष्ट्रपति मुखर्जी का यह बयान काफी अहम है, हाल के दिनों में कांग्रेस के भीतर इस बात की शिकायत लोग करते हैं कि कांग्रेस के संगठन को फिर से नहीं बनाया गया, 2014 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। वहीं सोनिया गांधी के भाषण को पढ़ते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इंदिरा गांधी का देशप्रेम उदार और दरियादिल था, यह उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से सीखा था।

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