प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर तड़पती रही खून से लतपथ गर्भवती महिला, 9 स्वास्थ्यकर्मी निलंबित
गुवाहाटी, 11 जुलाई: असम के एक स्वास्थ केन्द्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। खून से लतपथ महिला स्वास्थ्य केंद्र पर तड़पती रही लेकिन उसका इजाज करने कोई नहीं पहुंचा। दर्द से कराहती पत्नी के लिए उसका पति गिड़गिड़ाता रहा लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया।

वीडियो हुआ वायरल
हालांकि इस पूरे वाकये का वीडियो किसी ने शूट कर लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में नजर आ रहा है कि असम में सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य केंद्र के बंद दरवाजों के सामने फर्श पर खून से लथपथ गर्भवती महिला बैठी हुई है। उसका खून बह रहा था और उसके साथ वाला शख्स उसकी पीठ सहला रहा है।

नौ स्वास्थ्य कर्मियों को किया गया निलंबित
ये दर्दनाक घटना असम-नागालैंड सीमा से लगे दीमा हसाओ जिले के खेपरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की रविवार सुबह करीब 10:30 बजे हुई घटना है। सोशल मीडिया पर परेशान करने वाला वीडियो वायरल जैसे ही वायरल हुआ दीमा हसाओ जिले में एक डॉक्टर और नौ स्वास्थ्य कर्मियों को "लापरवाही" के लिए निलंबित कर दिया गया।

स्वास्थ्य केंद्र के गेट बंद कर दिए गए
9 सेकंड के वीडियो क्लिप में महिला नजर आ रही है वो अपने पति के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। गर्भावस्था में कोई दिक्कत आने के बाद बहुत खून बह रहा है। जब वो वहां पहुंची तो उसे भर्ती कर इलाज करने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र के गेट बंद कर दिए गए। वह दर्द और खून से लथपथ वहां लेटी रही।

स्थानीय लोगों ने लगाया ये आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता और डॉक्टर अपनी ड्यूटी का पालन नहीं करते हैं और आमतौर पर जब कोई भी इमरजेंसी रहती है, वो लोग गायब रहते हैं। खेपरे के कर्मचारियों ने कहा कि वे स्वास्थ्य केंद्र से सामान चोरी होने के डर से दरवाजे बंद रखते हैं।कर्मचारियों ने स्वीकार किया है कि दरवाजा बंद था लेकिन उनका कहना है कि वे तुरंत आए और महिला की देखभाल की गई। इसके बाद महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। स्टाफ के सदस्यों का कहना है कि लड़का और मां की हालत अब बेहतर है।

बच्चा पैदा होने के बाद महिला और उसके पति ने दिया ये बयान
वहीं मीडिया से बात करते हुए महिला और उसके पति ने बाद में कहा कि उन्हें मेडिकल स्टाफ से पूरी मदद मिली और वीडियो लेने वाले से नाराज हैं। दंपति ने कहा कि दरवाजा बंद था लेकिन स्टाफ सदस्यों को बुलाने के बाद वे तुरंत आए और उनकी मदद की। हालांकि हाफलोंग की एक टीम जिसमें प्रमुख सचिव नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल शामिल हैं। वो इस मामले में जांच करने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले की पड़ताल की।












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