PM Krishi Sinchai Yojan: मोदी सरकार किसानों को इस योजना के तहत दे रही है 1 लाख ₹ से अधिक का सहायता, करें आवेदन
भारत एक कृषि प्रधान देश है। देश की बड़ी आबादी का जीवन कृषि पर ही टिका हुआ है। ऐसे में सरकारों की प्राथमिकता में कृषि का काफी अहम स्थान है। किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए सरकारें कई तरह की योजनाएं चलती रहती है। ऐसी ही एक योजना है प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के पीछे का कारण है किसानों की पानी की कमी से निपटने मे मदद करना। इस योजना के अंतर्गत देश के किसानों को अपने खेतो की सिंचाई के लिए उपकरणों के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है।

इस पहल का उद्देश्य सिंचाई सुविधाओं में सुधार करके और जल-बचत तकनीकों को बढ़ावा देकर कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है। सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए 50,000 करोड़ रुपये अलग रखे हैं, जो स्वयं सहायता समूहों, ट्रस्टों और सहकारी समितियों जैसे पात्र संस्थानों के लिए खुले हैं।
योजना के उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य फसलों के लिए उचित सिंचाई सुनिश्चित करना है, क्योंकि पानी कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है। यह सिंचाई उपकरणों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान करते हुए जल संचयन और भूजल विकास जैसे जल संसाधन प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, यह योजना ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई विधियों के उपयोग को प्रोत्साहित करती है। जिन किसानों के पास भूमि और जल स्रोत हैं या जो अनुबंध खेती और सहकारी सदस्यता में शामिल हैं, वे इस पहल से लाभ उठा सकते हैं।
सरकार सिंचाई उपकरणों की लागत का 80% से 90% सब्सिडी देगी, जिसमें केंद्र सरकार 75% और राज्य सरकार शेष 25% का योगदान देगी। यह सहायता सिंचाई के लिए पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगी, जिससे कृषि उत्पादकता और आर्थिक विकास में वृद्धि होगी। इसके अलावा, इस योजना का उद्देश्य पानी की बचत करना और कृषि उत्पादन को 35-40% तक बढ़ाना है।
पात्रता और लाभ
इस योजना के लिए पात्र होने के लिए, आवेदक के पास कम से कम 0.3 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि होनी चाहिए और उसके पास आधार कार्ड होना चाहिए। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी), छोटे और सीमांत किसानों को निर्मित तालाब के प्रकार के आधार पर अलग-अलग सब्सिडी राशि मिलती है:
- कच्चे तालाबों के लिए: इकाई लागत का 70% या अधिकतम 73,500 रुपये
- प्लास्टिक लाइनिंग वाले तालाबों के लिए: इकाई लागत का 90% या अधिकतम 1,35,000 रुपये
अन्य श्रेणी के किसान भी सब्सिडी के लिए पात्र हैं:
- कच्चे तालाबों के लिए: इकाई लागत का 60% या अधिकतम 60,000 रुपये
- प्लास्टिक लाइनिंग वाले तालाबों के लिए: इकाई लागत का 80% या अधिकतम 1,20,000 रुपये
ध्यान दें कि सब्सिडी केवल 400 घन मीटर की न्यूनतम क्षमता वाले कृषि तालाबों के लिए ही लागू है।
आवेदन प्रक्रिया
किसान इस योजना के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन स्टेप
1. अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या ग्राम पंचायत से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
2. तालाब के प्रकार और लागत के बारे में सटीक जानकारी के साथ फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें।
3. आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, जमीन के कागजात, अनुदान रसीद हेतु बैंक डायरी, फोटो, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) एवं लघु सीमांत कृषक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) संलग्न करें।
4. आवेदन पत्र और दस्तावेज अपने स्थानीय कृषि विभाग कार्यालय या ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा करें।
5. योजना के अंतर्गत अनुमोदन या अस्वीकृति के संबंध में अधिसूचना की प्रतीक्षा करें।
6. अनुमोदन मिलने पर तालाब का निर्माण कराएं; निरीक्षण और पुष्टि हो जाने के बाद आपकी सब्सिडी राशि सीधे आपके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
किसान ऊपर बताए गए चरणों का पालन करके प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) पोर्टल के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।












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