PMO Conman Kiran Patel: जेड प्लस सिक्योरिटी के साथ जम्मू-कश्मीर पहुंचा गुजराती शख्स, पोल खुलने पर हुआ ऐसा हाल
एक हाईप्रोफाइल फर्जीवाड़े और सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। गुजरात के रहने वाले व्यक्ति पर आरोप खुद को PMO का अधिकारी बताकर जेड प्लस सिक्योरिटी और फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाओं का लाभ उठाने का है।

जम्मू कश्मीर का दौरा कर सुर्खियों में आने वाले PMO Conman Kiran Patel ने खुद को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी बताया। किरण पटेल ने जम्मू कश्मीर दौरे पर पहुंचने के बाद खुद को पीएमओ का अतिरिक्त निदेशक, रणनीति और अभियान बताया। गुजराती व्यक्ति किरण पटेल पर फर्जीवाड़े का शक होने पर श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को एक स्थानीय अदालत ने किरण पटेल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी गड़बड़ी और समय पर ढोंगी का पता लगाने में विफलता के लिए कार्रवाई शुरू की गई है। सूत्रों ने कहा कि गुजरात पुलिस की एक टीम भी जांच में शामिल हो रही है।

आपराधिक इरादों की जांच कर रही पुलिस
किरण पटेल के जम्मू कश्मीर दौरे और खुद को पीएमओ का अधिकारी बताने के बारे में द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि "मामले की जांच की जा रही है।" पुलिस आपराधिक इरादे" की जांच कर रही है।

पीएचडी डिग्री के बाद फर्जीवाड़ा!
बता दें कि किरण पटेल नाम के शख्स की ट्विटर बायो में इन्हें पीएचडी डिग्री धारक बताया गया है। ट्विटर की टाइमलाइन देखने पर पता लगता है कि इसने जम्मू कश्मीर दौरे के बारे में कई फोटो-वीडियो पोस्ट की हैं। इसमें एक वीडियो में उन्हें सुरक्षाबलों के साथ जम्मू कश्मीर की सड़कों पर घूमते देखा जा सकता है।

उच्च स्तर पर जाली संसाधनों का इस्तेमाल
किरण पटेल की पहचान के बारे में दी हिंदू की रिपोर्ट में लिखा गया कि इनके पिता का नाम जगदीश पटेल है। इस शख्स का ट्विटर हैंडल वेरिफाइड होने के साथ-साथ इन्हें कई प्रमुख हस्तियां फॉलो भी करती हैं। पुलिस उच्च स्तर पर जाली संसाधनों का इस्तेमाल करके श्रीनगर और कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में सुरक्षबलों के साथ घूमने की घटना की गहन पड़ताल कर रही है।

श्रीनगर में निशात पुलिस ने किरण को गिरफ्तार किया
इस मामले पर दी हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक पुलिस जांच से संकेत मिले हैं कि किरण पटेल ने खुद को भारत के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के रूप में फर्जी तरीके से पेश किया।" मार्च के पहले सप्ताह में श्रीनगर के निशात पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने किरण को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने किरण पटेल पर क्या आरोप लगाए
खबर के मुताबिक किरण पर धोखाधड़ी, जालसाजी, प्रतिरूपण (Impersonation) और भोले-भाले लोगों को "मौद्रिक और साथ ही भौतिक लाभ हासिल करने के लिए एक अच्छी तरह से तैयार योजना के तहत" गलत काम करने के आरोप लगे हैं। पटेल श्रीनगर के टॉप होटल में एक होटल ललित में ठहरे थे। अलग-अलग इलाकों में घूमने के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर दर्जनों फोटो वीडियो शेयर की हैं।
नीचे देखिए किरण पटेल की Photos-VIDEOs
प्रशासनिक अधिकारियों को भी चकमा दिया
एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में दूधपत्री सहित कश्मीर में कई पर्यटन स्थलों का दौरा किया। सूत्रों ने कहा कि वह अपने प्रवास के दौरान उप-जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और उपायुक्तों सहित शीर्ष अधिकारियों के सामने खुद को PMO का अधिकारी साबित करने और उन्हें चकमा देने में कामयाब रहे।
जेड प्लस सिक्योरिटी और 5-स्टार होटल
किरण पटेल के बारे में कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई हैं। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में लिखा गया कि पीएमओ के अधिकारी के रूप में पोज़ देने वाले कॉनमैन किरण पटेल को जेड-प्लस सुरक्षा मिलने के अलावा श्रीनगर के 5-स्टार होटल में रहने का बंदोबस्त भी मिला। रिपोर्ट में किरण पटेल को 'ठग' बताते हुए कहा गया कि इन्होंने कश्मीर घाटी में पहली यात्रा फरवरी में की थी। इस समय इसने स्वास्थ्य रिसॉर्ट्स का दौरा किया था।
अधिकारियों के साथ कई बैठकें
एनडीटीवी की रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि जेड-प्लस सुरक्षा कवर के तहत किरण पटेल ने एक बुलेटप्रूफ एसयूवी- महिंद्रा स्कॉर्पियो और जम्मू कश्मीर पुलिस प्रशासन की सुरक्षा हासिल करने में कामयाब रहा। खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताने वाले ढोंगी किरण पटेल इस साल की शुरुआत में श्रीनगर के अपने दो दौरों के दौरान अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर चुका है।

10 दिन पहले गिरफ्तारी का खुलासा अभी क्यों
रिपोर्ट के अनुसार खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में रणनीति और अभियानों से जुड़ा अतिरिक्त निदेशक बताने वाले पटेल को कम से कम 10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी को पुलिस ने गुप्त रखा था। गुरुवार को मजिस्ट्रेट ने जब पटेल को न्यायिक हिरासत में भेजा तब गिरफ्तारी का विवरण सामने आया। अधिकारियों ने इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है कि पटेल की गिरफ्तारी के दिन ही प्राथमिकी दर्ज की गई या FIR दर्ज करने में कुछ देरी हुई थी।
गुजरात से अधिक पर्यटकों को जम्मू कश्मीर लाने का प्रयास
पटेल को श्रीनगर के ऐतिहासिक क्लॉक टॉवर- लाल चौक के सामने फोटो खिंचवाते भी नजर देखा जा सकता है। ट्विटर टाइमलाइन एक्सप्लोर करने पर अर्धसैनिक बल और पुलिस की सुरक्षा में अलग-अलग स्थानों की यात्रा करते हुए किरण पटेल ने कई वीडियो शेयर किए हैं। सूत्रों का कहना है कि पटेल ने गुजरात से अधिक पर्यटकों को लाने और दूधपथरी को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें भी कीं।
कैसे खुली पोल, पुलिस पर भी गिरेगी गाज
दो सप्ताह के भीतर दूसरी बार श्रीनगर दौरे पर पहुंचे पटेल अधिकारियों के संदेह के घेरे में आ गए। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने कहा कि एक जिला मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात आईएएस अधिकारी ने पिछले महीने एक "वरिष्ठ पीएमओ अधिकारी" की यात्रा के बारे में पुलिस को सूचित किया। खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को पीएमओ के एक अधिकारी के रूप में एक ठग के बारे में सतर्क किया। बैकग्राउंड की जांच के बाद, पुलिस को श्रीनगर के एक होटल से उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया। सूत्रों का कहना है कि दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी ड्यूटी में नाकामी के लिए कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया पर कैसा दिखता है किरदार
डॉ किरण पटेल ने विगत 11 फरवरी को ट्वीट कर बताया था कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में एकेडमिक डायरेक्टर की पोस्ट पर नियुक्त किया गया है। भाजपा महासचिव प्रदीप सिंह वाघेला, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संजय जोशी, गुजरात पुलिस में सुरेंद्रनगर के पुलिस अधीक्षक, आईपीएस हरेश कुमार दुधात जैसी हस्तियां उन 1309 लोगों में प्रमुख नाम हैं, जो डॉ किरण जे पटेल के ट्विटर अकाउंट को फॉलो करती हैं। जिन 2350 लोगों को किरण फॉलो करते हैं उनमें गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल, गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी के नाम प्रमुख हैं।












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