TMC सांसद साकेत गोखले की बढ़ीं मुश्किलें, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय, ED का शिकंजा
TMC MP Saket Gokhale: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं। अहमदाबाद की एक विशेष पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत ने साकेत गोखले के खिलाफ आपराधिक आरोप तय किए हैं।
स्पेशल कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से दायर की गई शिकायत के आधार पर यह एक्शन लिया है, जिसके बाद अब टीएमसी सांसद पर ईडी का शिकंजा कस चुका है।

ईडी ने बताया कि विशेष अदालत ने सीआरपीसी की धारा 309 के तहत साकेत गोखले के आवेदन को भी खारिज कर दिया, जिसमें पीएमएलए कार्यवाही को निलंबित करने की मांग की गई थी।
दिसंबर 2022 में क्राउडफंडिंग के जरिए जुटाए पैसे
ईडी ने अपने एक्स पोस्ट में बताया, "अहमदाबाद (ग्रामीण) के माननीय प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश और नामित विशेष अदालत (पीएमएलए) ने आज, 13.08.2024 को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद साकेत गोखले के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत आपराधिक आरोप तय किए हैं। पुलिस केस में भी उनके खिलाफ अपराध के आरोप तय किए गए हैं।"
ईडी ने कहा कि विशेष अदालत ने सीआरपीसी की धारा 309 के तहत गोखले की अर्जी को भी खारिज कर दिया, जिसमें पीएमएलए, 2002 की कार्यवाही को तब तक के लिए स्थगित करने की मांग की गई थी, जब तक कि अदालत उनके खिलाफ अनुसूचित अपराध मामले का फैसला नहीं कर लेती।
व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया पैसों का इस्तेमाल
गुजरात पुलिस ने दिसंबर 2022 में क्राउडफंडिंग के जरिए एकत्र किए गए धन का कथित रूप से दुरुपयोग करने के आरोप में साकेत गोखले को दिल्ली में गिरफ्तार किया था। ईडी ने अदालत को बताया कि "गोखले द्वारा क्राउडफंडिंग के जरिए एकत्र की गई बड़ी मात्रा में धनराशि को सट्टा शेयर ट्रेडिंग, भोजन और अन्य व्यक्तिगत खर्चों पर बर्बाद किया है, जो कि प्रकृति में फिजूलखर्ची प्रतीत होती है।"
पिछले साल मई में मिली थी जमानत
हालांकि गोखले ने धन के किसी भी दुरुपयोग से इनकार किया है। बता दें कि एक विशेष अदालत ने कथित अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिछले साल मई में गोखले को नियमित जमानत दे दी थी।












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