PM Modi Meeting: साधना से वापस आते ही PM मोदी कर रहे हैं हाईलेवल मीटिंग, 100 दिनों के एजेंडे पर चर्चा
PM Modi Meeting News: लोकसभा के लिए मतदान खत्म होने के एक दिन बाद और कन्याकुमारी से साधना कर वापस आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अलग-अलग विषयों पर सात हाईलेवल बैठक कर रहे हैं। पीएम मोदी चक्रवात के बाद की स्थिति पर समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों पर फोकस किया जाएगा।
इस बैठक में असल में हाल ही में आए चक्रवात 'रेमल' से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही राहत प्रयासों का समन्वय करने और प्रभावित क्षेत्रों के दीर्घकालिक पुनर्वास की योजना बनाने पर विचार किया जाएगा।

इसके बाद पीएम मोदी अगली बैठक में देश के बड़े हिस्से में चल रही भीषण गर्मी को लेकर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 5 जून को मनाए जाने वाले वार्षिक कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भी एक बैठक करने वाले हैं।
ये भी पढ़ें- PM Modi Meditation: मेडिटेशन के बाद पीएम मोदी का पत्र, बताया कैसे समर्पित किए 45 घंटे
आने वाले 100 दिनों में PM मोदी का क्या होगा एजेंडा? बैठक में हो सकती है चर्चा
पीएम मोदी सरकार के 100-दिवसीय कार्यक्रम के एजेंडे पर भी चर्चा करेंगे। ये चर्चा इसलिए भी अहम है क्योंकि एग्जिट पोल के नतीजों में प्रधानमंत्री मोदी के लिए लगातार तीसरे कार्यकाल में आने की भविष्यवाणी की है। इस रणनीतिक बैठक में व्यापक और गहन चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें आने वाले महीनों के लिए मोदी सरकार की प्राथमिकताओं और कार्य योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
अपने मेगा चुनाव अभियान की शुरुआत करने से पहले, पीएम मोदी ने टॉप नौकरशाही से कहा था कि इस बीच की छुट्टी के लिए उनका होमवर्क मोदी 3.0 के पहले 100 दिनों में लिए जाने वाले फैसलों की तैयारी करना है। उन्होंने उन्हें यह स्पष्ट कर दिया कि सभी कठिन फैसले उनकी सरकार के पहले 100 दिनों में लिए जाएंगे और वह 2029 के चुनावों से पहले आखिरी 100 दिनों का इंतजार नहीं करेंगे।
ये भी पढ़ें- Exit Poll के आंकड़ों के बाद प्रशांत किशोर ने भी लोगों को अपनी राय दी
विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास?
विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में स्टॉकहोम में मानव पर्यावरण पर सम्मेलन के दौरान की गई थी। इसका उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना और कार्रवाई को बढ़ावा देना है। इस वर्ष का विषय 'भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की क्षमता' है, जिसमें सऊदी अरब मेजबान देश है, जिसे वैश्विक और स्थानीय प्रयासों को उजागर करने के लिए चुना गया है।
ये भी पढ़ें- Exit Poll Result 2024: अबकी बार 400 पार...! इन एग्जिट पोल ने BJP-NDA को दिखाया 400 के करीब, कांग्रेस का सफाया












Click it and Unblock the Notifications