चीन में आतंक के मुद्दे पर बाजी मारने के बाद म्यांमार पहुंचे पीएम मोदी
चीन में ब्रिक्स बैठक खत्म होने के बाद पीएम मोदी मंगलवार को म्यांमार पहुंच गए हैं। म्यांमार दौरे पर पीएम मोदी का कम से कम 3 जगहों पर जाने का प्लान है। इस दौरान वो भारतीय समुदाय के लोगों के बीच यांगून के थुवाना स्टेडियम में संबोधित करेंगे।

म्यांमार दौरे के दौरान पीएम मोदी स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और वहां के राष्ट्रपति क्वा से मुलाकात करेंगे। मोदी की पहली द्विपक्षीय म्यांमार यात्रा पर सुरक्षा और आतंक के मुद्दे पर बात होगी। बता दें पीएम मोदी म्यांमार के राष्ट्रपति यू चिन क्वा के निमंत्रण पर पांच से सात सितंबर तक म्यामां के दौरे पर रहेंगे।
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चीन को म्यांमार में प्रभाव बढ़ रहा है, जो भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। चीन ने म्यामांर को काफी कर्ज दे रखा है, जिसकी वजह से म्यांमार पर चीन का काफी दबाव रहता है। कुछ समय पहले मीडिया में ऐसी खबरे थी कि म्यांमार पर बंदरगाह सौंपने का दबाव बनाया जा रहा है।
बता दें, भारत-म्यांमार से 1600 किलोमीटर सीमा लगती है। भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों के कई उग्रवादी म्यांमार में शरण लेते हैं। भारत के नागालैंड और मणिपुर की सीमा म्यांमार से लगती हैं और इन दो राज्यों में उग्रवाद बहुत ज्यादा है। इस कारण म्यांमार के साथ भारत के संबंध बहुत अहम हो जाते हैं। भारत के लिए म्यांमार बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि साउथ-ईस्ट एशियाई देशों में जाने के लिए म्यांमार-भारत के लिए एक 'गेटवे'का काम करेगा
म्यांमार दौरे से पहले पीएम मोदी ने उम्मीद जताई थी कि उनका यह दौरा दोनों देशों के आगे का रोडमैप तैयार करेगा। भारत-म्यांमार के साथ स्ट्रैटजिक और इंडस्ट्रियल रिश्ते मजबूत करना चाहता है। म्यांमार में भारी मात्रा में खनिज पदार्थ हैं, जिन पर चीन की नजर है।












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