पीएम मोदी की जम्मू कश्मीर के नेताओं की बैठक से पहले पाकिस्तान ने दी चेतावनी
नई दिल्ली, 20 जून। जम्मू कश्मीर में अनुच्छे 370 हटने के बाद पहली बार केंद्र की ओर से घाटी के नेताओं से बातचीत का फैसला लिया गया है और इसी क्रम में 24 जून को पीएम मोदी घाटी के 14 नेताओं के साथ बैठक करेंगे। एक तरफ जहां भारत सरकार जम्मू कश्मीर के नेताओं से बातचीत के दरवाजे खोल रही है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के पेट में दर्द होने लगा है। पाकिस्तान ने शनिवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वह जम्मू कश्मीर की जनसांख्यिकी में किसी भी बदलाव और बंटवारे का विरोध करेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से इस बाबत बयान जारी करके कहा गया है कि भारत को आगे किसी भी गैरकानूनी कदम को उठाने से बचना चाहिए। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद भारत को किसी भी तरह के गैरकानूनी कदम को नहीं उठाना चाहिए।
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पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान 5 अगस्त 2019 के फैसले का विरोध करता है, हमने इस मुद्दे पर कई अंतरराष्ट्रीय मंच को उठाया है, हमने यूएनएससी पर भी इस मुद्दे को उठाया है। साउथ एशिया में सही मायने में शांति तभी आ सकती है जब कश्मीर मसल हल हो जाए। शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के बंटवारे और इसके जनसांख्यिकी में बदलाव को बर्दाश्त नहीं करेगा। गौर करने वाली बात है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते काफी खराब हो गए हैं। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद आपसी मतभेद और बढ़े हैं, जब जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था।
हालांकि भारत हमेशा से यह कहता रहा है कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाना भारत का आंतरिक मामला है, जिसमे पाकिस्तान को दखल देने की कतई जरूरत नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने स्पष्ट किया है कि वह जम्मू कश्मीर के मसलों को खुद सुलझा सकता है। बता दें कि अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद घाटी के कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था, जिसके बाद एक साल से अधिक समय तक ये नेता नजरबंद रहे और अब आखिरकार इन नेताओं के साथ बातचीत करने का मोदी सरकार ने फैसला लिया है।












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